दिल्ली विश्वविद्यालय में दाखिले होने के बाद अब राजनीतिक सरगर्मी शुरू होने वाली है। दिल्ली विश्वविद्यालय शिक्षक संगठन (डूटा) 27 अगस्त को होने वाले चुनाव की तैयारी में जुट गया है।
वहीं डीयू प्रशासन ने मंगलवार को छात्र संगठन चुनाव के लिए मुख्य चुनाव अधिकारी और रिटर्निंग ऑफिसर की नियुक्ति करके छात्र राजनीति को गरमा दी है।
डीयू प्रशासन ने शिक्षण सत्र 2015-16 के लिए होने वाले दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संगठन (डूसू) चुनाव के लिए केमिस्ट्री डिपार्टमेंट के प्रो. डीएस रावत को मुख्य चुनाव अधिकारी नियुक्त किया है।
चुनाव अधिकारियों की नियुक्ति के साथ हलचल
इसके अलावा परीक्षा विभाग के ओएसडी डॉ. सतीश कुमार को चीफ रिटर्निंग ऑफिसर और नॉन कॉलेजिएट वूमन एजुकेशन बोर्ड की निदेशक डॉ. अंजु गुप्ता को रिटर्निंग ऑफिसर बनाया है।
हालांकि चुनाव अधिकारियों की नियुक्ति को लेकर डीयू की ओर से जारी अधिसूचना में अभी तारीखों का जिक्र नहीं है। माना जा रहा है कि अगले कुछ दिनों में तारीखों की घोषणा कर दी जाएगी
संभवत: चुनाव 11 सितंबर को होंगे, क्योंकि इससे पहले 27 अगस्त को डूटा चुनाव होंगे। आमतौर पर डूसू चुनाव सितंबर के दूसरे सप्ताह में पड़ने वाले शुक्रवार को होता है।
उधर, चुनाव अधिकारियों की नियुक्ति के साथ ही कैंपस में छात्र राजनीतिक सुगबुगाहट शुरू हो गई है। इसके साथ छात्र नेताओं में टिकट की दौड़ के साथ छात्रों के बीच जाने का दौर भी शुरू हो जाएगा।
नंदिता नारायण फिर बनीं अध्यक्ष पद की प्रत्याशी
छात्र संगठनों की राजनीति के साथ ही डूटा में भी चहल-पहल बढ़ गई है। डूटा चुनाव की तिथियां पहले से घोषित थीं। अब शिक्षक संगठनों ने उम्मीदवारों की घोषणा शुरू कर दी है।
मंगलवार को डेमोक्रेटिक टीचर फ्रंट ने उम्मीदवारों की घोषणा की। डीटीएफ ने अध्यक्ष पद के लिए अपने मौजूदा डूटा अध्यक्ष नंदिता नारायण को फिर उतारा है।
नंदिता नारायण के किए गए कामों के साथ वह शिक्षकों के बीच वोट मांगेंगे। वहीं, कोषाध्यक्ष के लिए भूपिंदर चौधरी को उतारा है। वह महाराजा अग्रसेन कॉलेज में इतिहास के प्रोफेसर हैं।
इसके अलावा डूटा एक्ज्क्यूटिव के लिए तीन लोगों को अंगद तिवारी, विजया वेंकटरमण और विवेक मोहन को उतारा है।