गढ़वाल विवि की ओर से बीएड कॉलेजों के निरीक्षण की वजह से रोकी गई बीएड प्रवेश परीक्षा पर अब बीएड कॉलेजों की एसोसिएशन भी गढ़वाल विवि के साथ आ गई है।
एसोसिएशन के महासचिव जीडीएस वार्ने ने कहा कि एडमिशन शुरू करने से पहले विवि की निरीक्षण और सीट निर्धारण प्रक्रिया जरूरी है। उन्होंने विवि के इस कदम को सही ठहराया।
हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल केद्रीय विवि ने नेशनल काउंसिल फॉर टीचर एजूकेशन (एनसीटीई) की नई नियमावली के तहत सभी बीएड कॉलेजों में दो वर्षीय बीएड शुरू करने से पहले निरीक्षण प्रक्रिया शुरू की। प्रक्रिया लंबी चलने की वजह से अभी तक विवि बीएड प्रवेश परीक्षा का परिणाम और काउंसिलिंग शुरू नहीं करा पाया है।
मंगलवार को एडमिशन लटकने पर नालंदा कॉलेज आफ एजूकेशन ने विवि को नोटिस भेजकर 15 दिन के भीतर एडमिशन कराने को कहा था। अन्यथा हाईकोर्ट जाने की चेतावनी दी थी। बुधवार को एसोसिएशन ऑफ सेल्फ फाइनेंस इंस्टीट्यूट गढ़वाल विवि के पक्ष में आ गई। एसोसिएशन के महासचिव जीडीएस वार्ने ने विवि की निरीक्षण प्रक्रिया को बिल्कुल सही ठहराया।
उन्होंने कहा कि कॉलेजों को जल्द से जल्द निरीक्षण करवाना चाहिए। अगर विवि, किसी बीएड कॉलेज में कोई खामी पाता है तो उसे बीएड की सीटें नहीं मिलनी चाहिए, ताकि बीएड की गुणवत्ता बन सके।
मामले में विवि के ओएसडी प्रो. डीएस नेगी का कहना है कि कुछ कॉलेजों की संबद्धता नहीं होने की वजह से प्रक्रिया अटकी हुई है। उन्होंने कालेजों को निर्देशित किया कि वह जल्द से जल्द संबद्धता पूरी कर निरीक्षण करा लें। प्रक्रिया अमल में न लाने वाले कालेज को बीएड की सीटें अलॉट नहीं की जाएंगी।