डीयू में दाखिले की खिड़की बंद नहीं हुई है। आरक्षित वर्ग की सीटें कुछ कॉलेजों में खाली हैं। इन कॉलेजों को विश्वविद्यालय ने सोमवार को नोटिस बोर्ड और वेबसाइट पर सूची लगाने के निर्देश दिए हैं।
इससे पहले दस कटऑफ और एक बार इसी तरह की पंजीकरण प्रक्रिया से दाखिले का मौका दिया जा चुका है।
डीयू के डिप्टी रजिस्ट्रार (एकेडमिक) रामदत्त की तरफ से जारी अधिसूचना के अनुसार आरक्षित श्रेणी की जो सीटें बची हैं उसे कॉलेज अपने स्तर पर तय शेड्यूल के हिसाब से भरेंगे।
आज और कल मिलेगा मौका
शेड्यूल के अनुसार 4 अगस्त को ऐसे कॉलेज अपने नोटिस बोर्ड और वेबसाइट पर सुबह 10 बजे कोर्स वाइज और श्रेणी वाइज सूची प्रदर्शित करेंगे।
उसके बाद सोमवार व मंगलवार को शाम 4 बजे तक छात्र रिक्त सीटों के हिसाब से रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं। कॉलेज प्रशासन 5 अगस्त को शाम 5 बजे तक श्रेणी वाइज प्रवेश योग्य छांटे गए छात्रों की सूची प्रदर्शित करेंगे।
अधिसूचना में यह साफ किया गया है कि प्रत्येक कॉलेज अपने यहां रजिस्टर छात्र-छात्राओं की मेरिट के हिसाब से योग्य आवेदकों की सूची में से 8-7 अगस्त को दाखिलें करेंगे। दाखिले की मेरिट उन्हीं में से तय होगी जो निर्धारित समय सीमा के भीतर अपना पंजीकरण करा लेंगे।
ये चांस भी हो सकता है लकी
दिल्ली विश्वविद्यालय के कॉलेजों में रेगुलर दाखिला नहीं मिलने के बाद भी छात्रों के पास डीयू से ग्रेजुएशन की डिग्री हासिल करने का विकल्प खुला है। स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग (एसओएल) में दाखिले का विकल्प आपके पास है। एसओएल की डिग्री पर कहीं नहीं लिखा होता कि आपने डिस्टेंस कोर्स किया है।
डीयू के कॉलेजों में 31 जुलाई को रेगुलर दाखिले बंद हो गए हैं। इसके बाद सामान्य वर्ग के छात्रों के लिए कॉलेज में दाखिले के सारे रास्ते बंद हो गए।
ऐसे में स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग का विकल्प खुला है। एसओएल में पांच कोर्स में दाखिले लिए जा सकते हैं। इनमें बीए, बीकॉम, बीकॉम ऑनर्स, राजनीतिक शास्त्र ऑनर्स और अंग्रेजी ऑनर्स शामिल हैं।
आखिरी तारीख नजदीक, जल्दी करें
स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग में ऑन लाइन और व्यक्तिगत तौर पर विश्वविद्यालय आकर दाखिला फॉर्म भर कर नामांकन करा सकते हैं।
30 अगस्त तक छात्र बगैर लेट फीस के दाखिला ले सकते हैं, जबकि 15 सितंबर तक लेट फीस के साथ दाखिले का विकल्प है। एसओल में दाखिले के लिए कोई तय आयु सीमा निर्धारित नहीं है।
अच्छी बात यह है कि एसओएल से मिलने वाले प्रमाण-पत्र पर यह नहीं लिखा होता है कि छात्र ने एसओएल से पढ़ाई की है। लिहाजा छात्रों के लिए एसओएल के लिए अच्छा विकल्प है।