हरियाणा सरकार ने राज्य के सरकारी स्कूलों में पढ़ रहे विशेष आवश्यकता वाले बच्चों (सीडब्ल्यूएसएन) के दाखिले और परीक्षा या आकलन के संबंध में दिशा-निर्देश जारी किए हैं। स्कूल शिक्षा विभाग के प्रवक्ता ने बताया कि इन बच्चों को निशक्त बच्चों के लिए समावेशी शिक्षा नीति के तहत प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि छह से 18 वर्ष की आयु वर्ष में पहचान किए गए प्रत्येक सीडब्ल्यूएसएन को बिना किसी भेदभाव के उनकी आयु के अनुसार नजदीकी स्कूल में दाखिला दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि ऐसे किसी भी बच्चे को संबंधित दस्तावेज उपलब्ध न होने के कारण स्कूल में दाखिला देने से इनकार नहीं किया जाएगा।
सीडब्ल्यूएसएन को शैक्षणिक सत्र के दौरान किसी भी समय दाखिला दिया जा सकेगा और ऐसे सीडब्ल्यूएसएन, जिन्हें गृह आधारित शिक्षा के तहत सेवाएं प्रदान की जानी हैं, को ग्रेड या स्कूल आधारित दाखिला देना अनिवार्य होगा।
इसके अतिरिक्त, दाखिला फार्मा या उपस्थिति रजिस्टर में सीडब्ल्यूएसएन के नाम के आगे उसकी प्लेसमैंट जैसे कि संसाधन कक्ष, गृह आधारित शिक्षा के बारे उल्लेख करना अनिवार्य होगा। उन्होंने कहा कि हर स्कूल में गृह आधारित शिक्षा के तहत बच्चों का अलग रजिस्टर लगाना होगा ताकि उनकी कवरेज रिपोर्ट या उपस्थिति का रिकार्ड रखा जा सके।
उन्होंने कहा कि संसाधन या विशेष शिक्षक खंड संसाधन केन्द्रों द्वारा अनुमोदित उनके क्षेत्र दौरा कार्यक्त्रस्म के अनुसार गृह आधारित शिक्षा विद्यार्थियों को कवर करेंगे। सीडब्ल्यूएसएन की परीक्षा या आकलन एवं प्रमोशन सम्बन्धी दिशानिर्देशों के सम्बन्ध में प्रवक्ता ने कहा कि बच्चों को उनकी आवश्यकता के अनुसार अतिरिक्त समय दिया जाएगा और थकान को दूर करने के लिए इस समय के दौरान बीच में आराम भी दिया जाएगा।
उन्होंने कहा बच्चों की निजी आवश्यकताओं के अनुसार उन्हें उपकरणों जैसे कि केल्कुलेटरस, एबाक्स, ब्रेलर, टेलर फ्रेम कम्युनिकेशन बोर्ड, पैसिंल या पैन ग्रिपस के उपयोग की अनुमति दी जाएगी। इसी प्रकार उन्हें उनकी आवश्यकता के अनुसार कंप्यूटर, टेप रिकार्डर, वायस सिंथेसारइजरस जैसी प्रौद्योगिकी के प्रयोग की भी अनुमति दी जाएगी।
इसके अतिरिक्त, ऐसे बच्चे जिन्हें याद करने में समय लगता है, को परीक्षा के लिए आबंटित पाठ्यक्रम में छूट दी जाएगी और उसका परीक्षण एक बार में पूरे पाठ्यक्रम के बजाय पाठ्यक्रम की छोटी-छोटी इकाइयों के आधार पर किया जाएगा।