एलयू ने इस बार मार्च के अंतिम सप्ताह में ही स्नातक (यूजी) व परास्नातक (पीजी) कक्षाओं में दाखिले के लिए प्रवेश समन्वयक तय कर दिए हैं। इस बार अप्रैल में ही दाखिले की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।
इसका दोहरा फायदा होगा कि स्टूडेंट्स को जहां दाखिले के लिए बीते सालों की अपेक्षा अधिक समय मिलेगा, वहीं दूसरी ओर यूनिवर्सिटी की प्रवेश प्रक्रिया भी तय समय पर पूरी हो जाएगी।
बीते सालों में प्रवेश प्रक्रिया खासकर पीजी कक्षाओं में दाखिले काफी लेट हुए थे, जिसका असर सेमेस्टर प्रणाली पर भी पड़ा। ऐसे में इस बार यूनिवर्सिटी प्रशासन ने प्रवेश प्रक्रिया करीब एक महीने पहले ही शुरू कर दी है।
इस बार एलयू ने यूजी, पीजी और पीएचडी कक्षाओं में दाखिले के लिए अलग-अलग को-ऑर्डिनेटर बनाने की व्यवस्था की है। हालांकि अभी पीएचडी कोर्सेज का को-ऑर्डिनेटर विश्वविद्यालय प्रशासन ने तय नहीं किया है।
एलयू के कुलपति डॉ. एसबी निमसे ने वर्ष 2014-15 में स्नातक कक्षाओं में दाखिले के लिए गणित विभाग के प्रोफेसर प्रवीण नागर को को-ऑर्डिनेटर बनाया है।
वहीं, पीजी कक्षाओं में दाखिले के लिए पर्शियन विभाग के शिक्षक डॉ. उमर कमालुद्दीन को को-ऑर्डिनेटर बनाया है। प्रो. प्रवीण नागर के नाम की घोषणा लगभग एक सप्ताह पहले ही हो गई थी।
लेकिन शनिवार को उन्हें विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से औपचारिक पत्र भी दे दिया गया। प्रवेश प्रक्रिया को लेकर कोऑर्डिनेटर नियुक्त किए जाने के बाद अब दाखिले किस आधार पर होंगे इसे लेकर बहस शुरू हो गई है।
सूत्रों का कहना है कि विवि प्रशासन मेरिट के आधार पर दाखिले को मुफीद मान रहा है।
फिलहाल, इस बारे में यूजी एडमिशन को-ऑर्डिनेटर प्रो. प्रवीण नागर का कहना है कि यूजी, पीजी में दाखिले प्रवेश परीक्षा से हों या फिर मेरिट के माध्यम से इस पर कोई अंतिम निर्णय प्रवेश समिति की बैठक में ही लिया जाएगा।