अब मात्र 18 हजार रुपये में डाक्टर बन जाइए। गांधी स्मारक निधि सेक्टर-16 में प्राकृतिक चिकित्सा एवं योग का तीन वर्ष के डिप्लोमा में प्रवेश के लिए अंतिम तिथि 31 जुलाई है।
फार्म और प्रॉसपेक्टस सेक्टर-16 के गांधी स्मारक भवन से प्राप्त किए जा सकते हैं। इस कोर्स के लिए 12 वीं पास होनी चाहिए। खास बात यह है कि जिन लोगों ने कलावर्ग से 12 वीं पास की है उनको सामान्य विज्ञान की अतिरिक्त परीक्षा देनी होगी। एमबीबीएस, बीएएमएस, बीयूएमएस, बीएचएमएस डिग्री कोर्स किए लोगों को सीधे दूसरे वर्ष में प्रवेश मिलेगा।
डीएनवाईटी चिकित्सा एवं योग विद्यापीठ पट्टी कल्याणा (पानीपत) से यह कोर्स संचालित किया जाता है।
प्राकृतिक चिकित्सा एवं योग में कैरियर
काफी समय से चिकित्सा के क्षेत्र में एलोपैथी का प्रयोग हो रहा है, लेकिन इसके साइड इफेक्ट और बढ़ती हुई कीमतों के कारण लोगों का रुझान अब आयुर्वेदिक व प्राकृतिक चिकित्सा की ओर बढ़ रहा है।
प्राकृतिक चिकित्सक बनने के इच्छुक युवाओं के लिए प्राकृतिक चिकित्सा की ओर बढ़ रहा है। प्राकृतिक चिकित्सा बनने के इच्छुक युवाओं के लिए इसमें कैरियर की अपार संभावनाएं हैं।
क्या है प्राकृतिक चिकित्सा
प्राकृतिक चिकित्सा एक उभरती हुई आदर्श और निर्दोष चिकित्सा पद्धति है। जिससे नियमित जीवन शैली के साथ संतुलित आहार, योग, प्राणायाम और पंच महाभूतों का उपयोग करते हुए शरीर को निरोग बनाया जाता है। प्राकृतिक चिकित्सा में किसी दवाई का प्रयोग नहीं होता। यह यह सिखाती है कि निरोग कैसे रहा जाए।
प्राकृतिक जीवन केंद्र गांधी स्मारक भवन सेक्टर-16 चंडीगढ़ के डायरेक्टर डॉ देवराज त्यागी ने बताया कि डिप्लोमा इन नेचुरोपैथी एंड योग (डीएनवाईटी) पाठ्यक्रम तीन वर्षों का है। इसमें छह माह का व्यवहारिक प्रशिक्षण शामिल है।
डीएनवाईटी डिप्लोमा कोर्स की कक्षाएं प्रत्येक रविवार को गांधी स्मारक भवन में लगाई जाती हैं।