देहरादून के डीएवी और डीबीएस कॉलेज में छात्रों के विरोध के बीच मंगलवार को भी दाखिला प्रक्रिया अटकी रही। डीएवी में छात्रों ने मेरिट फार्म नहीं बिकने दिए जबकि डीबीएस में दाखिले नहीं हो पाए।
छात्रों ने नारेबाजी करते हुए बंद कराए काउंटर
दोनों कॉलेजों के प्राचार्यों ने पुलिस पर सहयोग न करने का आरोप लगाया है। डीएवी कॉलेज में मंगलवार को सुबह काउंटर खुले। कुछ देर बाद ही छात्रों ने नारेबाजी करते हुए काउंटर बंद करा दिए।
इस बीच प्राचार्य ने पुलिस से सहयोग मांगा लेकिन पुलिस ने कोई सहायता नहीं की। प्राचार्य डॉ. देवेंद्र भसीन ने बताया कि कॉलेज प्रशासन की ओर से पुलिस को बार-बार कहने के बावजूद कोई सहायता नहीं मिल पा रही है।
दूसरी ओर, डीबीएस कॉलेज में भी सुबह एडमिशन कमेटी दाखिलों के लिए बैठी। यहां भी छात्रों के विरोध के बाद दाखिले नहीं हो पाए।
कॉलेज प्राचार्य डॉ. ओपी कुलश्रेष्ठ ने यहां भी पुलिस से सहयोग न मिलने की बात कही। अब सबकी निगाहें बुधवार को हाईकोर्ट पर रहेंगी। हाईकोर्ट सरकार और छात्रों की पुनर्विचार याचिका पर कोई फैसला कर सकता है।
एसजीआरआर में प्रथम मेरिट के दाखिले समाप्त
एसजीआरआर पीजी कॉलेज में प्रथम मेरिट के मुताबिक बीए और बीएससी के दाखिले खत्म हो गए। मंगलवार शाम तक हुए दाखिलों के बाद बीए की 90 और बीएससी की 300 सीटें बची रह गई हैं।
इन पर दाखिले के लिए अब दूसरी मेरिट जारी की जाएगी। कॉलेज में पहली मेरिट के तहत बीएससी में करीब 202 और बीए में करीब 175 दाखिले हुए।
कार्यवाहक प्राचार्य डॉ. अतुल गुप्ता ने बताया कि कॉलेज में 14 अगस्त को दूसरी मेरिट जारी करने की तैयारी शुरू हो चुकी है।
हालांकि बीएससी की पहली मेरिट 73 प्रतिशत पर रुकी थी लेकिन दूसरी मेरिट में कटऑफ नीचे जा सकती है। इससे उत्तराखंड बोर्ड के छात्रों के लिए भी दाखिले की राह खुल सकती है।