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गढ़वाल यूनिवर्सिटी की दाखिला प्रक्रिया हुई हवा-हवाई

Sun, 13 Jul 2014 04:51 PM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, अल्मोड़ा
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उत्तराखंड में उच्च शिक्षा की स्थिति में सुधार के लिए हाईकोर्ट की सख्ती पर इस बार कॉलेजों में अनुमन्य सीटों पर दाखिले का नियम गढ़वाल विवि ने लागू तो कर दिया।
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लेकिन इसके पालन में कॉलेज और खुद विवि ही लापरवाह बना हुआ है।

शासन के आदेशानुसार राजकीय महाविद्यालयों में बुनियादी संसाधनों, शिक्षकों की संख्या आदि का निरीक्षण करने के बाद ही सीटों की संख्या निर्धारित की जानी है, लेकिन विश्वविद्यालय लंबी प्रक्रिया बताकर इससे पल्ला झाड़ रहा है।

दूसरी ओर, कॉलेज सीटें पता न होने की बात कहकर बच रहे हैं। ऐसे में इस सत्र में आदेश का पालन करना मुश्किल बनता दिख रहा है।

एमकेपी में नहीं किया निरीक्षण

एमकेपी पीजी कॉलेज ने कुछ समय पूर्व विवि को अपने यहां निरीक्षण करने के लिए पत्र भेजा था। लेकिन विवि की ओर से अब तक कोई कार्रवाई शुरू नहीं हुई है।

जबकि कॉलेज में प्रवेश फार्मों की बिक्री जारी है। ऐसे में दाखिले पर असमंजस बना हुआ है। दूसरी ओर, अनुमन्य सीटों पर दाखिले के नियम से सबसे अधिक बोझ डीएवी कॉलेज पर पड़ रहा है।

सीटें तय हुई तो यहां प्रथम वर्ष में सीमित दाखिले ही होंगे। जबकि पिछले साल तक तय 12500 सीटों पर 32000 तक प्रवेश दे दिए जाते थे। यानी इस बार 20000 से अधिक छात्रों को दाखिले से वंचित रहना होगा।
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..लेकिन चेतावनी में पीछे नहीं

गढ़वाल विवि सीटें तय करने में भले सुस्त बना हुआ हो, लेकिन कॉलेजों को चेतावनी जारी करने में पीछे नहीं है।

हाल ही में विवि के कुलसचिव पीएस राणा की ओर से जारी पत्र में कहा गया है कि अगर किसी कॉलेज में तय सीटों से अधिक दाखिले हुए तो इसके लिए संबंधित प्राचार्य और विभागाध्यक्ष को जिम्मेदार माना जाएगा।

इसे हाईकोर्ट के आदेश की अवमानना समझा जाएगा। लेकिन, इस सवाल का जवाब विवि नहीं दे रहा कि जब वह सीटें बताएगा ही नहीं तो कालेज दाखिले देंगे कैसे?

यह मामला कॉलेजों और विश्वविद्यालय के बीच का है। कॉलेज विवि से निरीक्षण कराकर जल्द से जल्द तय सीटें पता करें। ऐसा न करना लापरवाही माना जाएगा। विवि भी जल्द निरीक्षण करे।
- डॉ. गंगोत्री त्रिपाठी, निदेशक, उच्च शिक्षा

शासन की ओर से निरीक्षण करने का दबाव है, लेकिन यह प्रक्रिया लंबी है। पहले पैनल बनाना होगा, फिर  हर कालेज के लिए अलग-अलग पैनल से निरीक्षण की प्रक्रिया में वक्त लगेगा।
- पीएस राणा, कुलसचिव, गढ़वाल विवि

नोटः इस खबर से संबंधित किसी भी सुझाव या सवाल के लिए मेल आईडी aftaba@ddn.amarujala.com और इस नंबर 08392922180 पर संपर्क कर सकते हैं।
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