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DAV में एडमिशन लेने वाले छात्रों की लिए बुरी खबर

Wed, 16 Jul 2014 01:15 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
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देहरादून के डीएवी कॉलेज में नए सत्र का मिशन एडमिशन शुरू होने से पहले ही संकट में आ गया है।
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छात्र नेताओं ने विरोध में काउंटर बंद कराया
एक ओर छात्रों ने प्रास्पेक्टस बिक्री शुरू होने के साथ ही काउंटर बंद करा दिए तो दूसरी ओर प्रथम वर्ष के दाखिलों पर शासन से स्थिति साफ नहीं होने के चलते रोक लगा दी गई है।

मंगलवार को कॉलेज में साढ़े दस बजे प्रास्पेक्टस और मेरिट फार्म बिक्री के लिए काउंटर खुले। कॉलेज की अव्यवस्थाओं के संबंध में आंदोलन कर रहे छात्र नेताओं ने विरोध में काउंटर बंद करा दिए।
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इससे दूर दराज से दाखिले की आस में पहुंचे छात्र मायूस लौट गए। दूसरी ओर, मीडिया में आई गत वर्ष की दाखिला प्रक्रिया बहाल रखने की खबरों के मद्देनजर कॉलेज प्रशासन ने प्रथम वर्ष के दाखिलों पर रोक लगा दी है।

प्राचार्य डा. देवेंद्र भसीन ने कहा है कि शासन से स्पष्ट आदेश आने पर दाखिले शुरू होंगे। बताया कि द्वितीय व तृतीय वर्ष के लिए छात्र प्रवेश के लिए कॉलेज से बुधवार से प्रास्पेक्टस खरीद सकते हैं।

काउंटर बंद कराने के दौरान सिद्धार्थ राणा, जोगेंद्र रावत, अंशुल चावला, जितेंद्र कुमार रिंकू, नितिन जोशी, विकास नेगी आदि मौजूद रहे।

कॉलेज में लटकाए बैनर
डीएवी की बदहाली को ढाल बनाकर आंदोलन कर रहे छात्र संगठनों ने मंगलवार को कॉलेज परिसर में बड़े-बड़े बैनर लटका दिए।

छात्रों का मकसद आने वाले छात्रों को यह बताना था कि जिस कॉलेज में वह दाखिला लेने जा रहे हैं, वह बदहाली का शिकार है।

हालांकि यहां सवाल यह भी है कि पूरे साल चुप रहने वाले छात्रनेता अचानक इस मुद्दे पर इतने आक्रामक क्यों हो गए हैं?

क्या है मामला
अपने एक आदेश में हाईकोर्ट ने कहा है कि यूजीसी के नियमों के अनुसार कोई भी कॉलेज मानक और स्वीकृत क्षमता के अनुसार ही छात्रों को दाखिला दें। कॉलेज अदालत के आदेश के अनुसार ही इस साल दाखिला दे रहे हैं।

लेकिन छात्र नेता इसका विरोध कर रहे हैं। अब प्रदेश सरकार ने भी फैसला किया है कि वह हाईकोर्ट में हलफनामा देकर पंचवर्षीय प्रस्ताव रखेगी। सरकार की योजना अदालत के आदेश को चरणबद्ध तरीके से लागू करने की है।

बता दें कि यूजीसी के मानक के अनुसार बीस छात्र पर एक शिक्षक होना चाहिए। लेकिन डीएवी सहित प्रदेश के कई कॉलेजों में 80 छात्रों पर एक शिक्षक हैं।

डीबीएस में भी प्रवेश बंद
डीबीएस कॉलेज में भी मंगलवार का दिन हंगामे के नाम रहा। प्रथम वर्ष में मेरिट के आधार पर दाखिले के विरोध में छात्र नेताओं ने कॉलेज बंद करा दिया।

हालांकि प्राचार्य ने साफ किया है कि दाखिले नियमों के मुताबिक ही किए जाएंगे। मंगलवार को डीबीएस कॉलेज में छात्र नेता प्राचार्य के कार्यालय पहुंचे। छात्रों ने मांग उठाई कि कालेज में बिना मेरिट के ही दाखिले किए जाएं।
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मांग नहीं माने जाने पर नेताओं ने कॉलेज बंद करा दिया। इसके बाद कॉलेज में रैली निकालकर कॉलेज प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की।

प्राचार्य डा. ओपी कुलश्रेष्ठ से बात की तो उन्होंने बताया कि वह हाईकोर्ट, शासन और गढ़वाल विश्वविद्यालय के नियमों में बंधे हैं। फिलहाल उन्होंने छात्रों के फार्म जमा करा लिए हैं।

इस बीच अगर कोई आदेश आ जाता है तो वह उसी के अनुरूप दाखिले करेंगे। इस अवसर पर संकेत नौटियाल, विनय रावत, पंकज नेगी, संदीप चमोली आदि मौजूद रहे।

(नोटः इस खबर से संबंधित किसी भी सुझाव या सवाल के लिए मेल आईडी-oprakash@del.amarujala.com और इस नंबर-9536901397 पर संपर्क कर सकते हैं।)
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