राजधानी दून के डीएवी कॉलेज में बेहतर परसेंटेज के बावजूद मेरिट से बाहर हुए छात्रों के एडमिशन की मांग पर छात्रसंघ पदाधिकारियों ने जमकर हंगामा किया। प्राचार्य के घेराव के बाद कॉलेज में लगी वेटिंग लिस्ट फाड़ डाली गई। इसके बाद एडमिशन बंद करा दिए गए।
डीएवी कॉलेज में इस साल मेरिट से दाखिले किए गए हैं। छात्रों से आवेदन ओएमआर शीट पर भरवाए गए थे, लेकिन कुछ छात्रों ने ओएमआर भरने में गलती कर दी। कंप्यूटर से हुई जांच में ये आवेदन रिजेक्ट हो गए। इससे बेहतर प्रतिशत होने के बावजूद कई छात्रों का नाम मेरिट में शामिल नहीं हुआ।
कंप्यूटर कक्ष में तालाबंदी
शनिवार को छात्रसंघ अध्यक्ष पारस गोयल ने इन छात्रों को मेरिट में शामिल करने की मांग पर प्राचार्य का घेराव और कंप्यूटर कक्ष में तालाबंदी की थी। सोमवार को वह फिर छात्रों के साथ प्राचार्य डा. देवेंद्र भसीन के पास पहुंचे। लेकिन प्राचार्य ने साफ किया कि लिस्ट रिवाइज नहीं की जाएगी।
इस पर भड़के छात्रसंघ पदाधिकारियों ने दीनदयाल उपाध्याय सभागार के बाहर लगी वेटिंग लिस्ट फाड़ डाली। इसके बाद दाखिले बंद करा दिए गए। इस वजह से कॉलेज में दाखिला कराने आए छात्र दिनभर भटकते रहे। पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष आशीष रावत का कहना है कि जब तक इन छात्रों को मेरिट में मौका नहीं मिलेगा, तब तक कोई भी एडमिशन नहीं होने दिया जाएगा।
दूसरी ओर, प्राचार्य डा. देवेंद्र भसीन का कहना है कि मेरिट में बदलाव करना संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि जिन छात्रों ने ओएमआर गलत भरा था, वही मेरिट से बाहर हुए हैं।