यूपी सीपीएमटी के पहले चरण की काउंसलिंग के बाद अब कैंडिडेट्स को दूसरे शिड्यूल का इंतजार है। दूसरे चरण की काउंसलिंग की प्रक्रिया बढ़ी सीटों के साथ होने की संभावना भी बन रही है।
ऐसे में दूसरे चरण में अभ्यर्थियों को अपनी पसंद तय करने के लिए बड़ी संख्या में एमबीबीएस की सीटें मिलेंगी।
चिकित्सा शिक्षा महानिदेशालय के मुताबिक 31 जुलाई तक पहली काउंसलिंग में शामिल हुए अभ्यर्थियों को रिपोर्ट करना है।
इसके बाद किसी को भी अनुमति नहीं होगी। इसके बाद दूसरे चरण की काउंसलिंग का कार्यक्रम जारी कर दिया जाएगा। हालांकि इसमें कुछ देरी भी हो सकती है।
इसकी वजह मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया की सहमति के बाद सरकारी मेडिकल कॉलेजों में बढ़ने वाले सीटों की अनुमति है। अनुमति मिलने के बाद इन सीटों को भी दूसरे चरण की काउंसलिंग में शामिल कर लिया जाएगा।
हालांकि, केजीएमयू में अभी एमबीबीएस की सीटें बढ़ने की संभावना से मना किया गया है। काउंसलिंग के लिए लखनऊ में बने एसजीपीजीआई केंद्र के को-ऑर्डिनेटर जीसी पुरोहित ने बताया कि सात राजकीय कॉलेजों में 50-50 एमबीबीएस की सीटें बढ़ सकती हैं। ऐसे में 350 सीटें तो यही बढ़ जाएंगी।
वहीं, कई छात्रों ने यूपी सीपीएमटी के साथ नीट में भी सीट लॉक की होगी। ऐसे में संभावना है कि 25-30 प्रतिशत तक सीटों पर अभ्यर्थी प्रवेश छोड़ दें। नया सत्र शुरू होने पर अगस्त के पहले सप्ताह में इस पर भी स्थिति साफ हो जाएगी।
निजी मेडिकल कॉलेज पर भी अभी संशय बना हुआ है। संभावना है कि दूसरे चरण की काउंसलिंग में एमबीबीएस की और 900 सीटें अभ्यर्थियों को मिलेंगी।