शिक्षा विभाग में बेसिक शिक्षकों के तबादलों पर एक बार फिर तलवार लटक गई है। तीन जून तक पूरी होने वाली प्रक्रिया अब तक अधर में है।
दूसरी ओर, हाईकोर्ट ने 15 सितंबर तक तबादलों पर रोक लगा दी है। ऐसे में विभाग के लिए अब बीच सत्र में स्थानांतरण करना संभव नहीं होगा। ऐसे में विभाग की सुस्त चाल के चलते यह सत्र भी शून्य घोषित होने की आशंका बन गई है।
नियमावली शुरुआत से ही विवाद में
शिक्षकों के तबादलों के लिए तैयार नियमावली शुरुआत से ही विवाद में फंसी रही। इसके अनुरूप तय समय पर न तो स्कूलों के सुगम-दुर्गम का निर्धारण किया जा सका, न ही अनिवार्य तबादलों के लिए पात्र शिक्षकों की सूची जारी हो सकी। तय कैलेंडर के अनुसार 29 मई तक स्कूलों का वर्गीकरण और तीन जून तक अनिवार्य तबादलों के पात्र शिक्षकों की सूची जारी होनी चाहिए थी। लेकिन इस अवधि में मंत्री मंत्री प्रसाद नैथानी जहां डोली यात्रा में व्यस्त रहे, वहीं शिक्षा निदेशक सीएस ग्वाल ताइवान चले गए।
ऐसे में सूची की मानीटरिंग नहीं की जा सकी और बेसिक शिक्षकों का तबादला लटक गया। अब हाईकोर्ट ने भी 15 सितंबर तक तबादलों पर रोक जारी रखने के निर्देश दिए हैं। इसके बाद अगर विभाग ने तबादलों की कोशिश की तो स्कूलों में अध्यापन पटरी से उतर जाएगा।
सुगम से दुर्गम की सूची नहीं हुई जारी
देहरादून जनपद में बेसिक के शिक्षकों की दुर्गम से सुगम में तबादला सूची जारी हो गई, लेकिन सुगम से दुर्गम के लिए सूची लटकी हुई है। यह सूची जारी हो पाएगी या नहीं इसे लेकर संशय बना हुआ है।
अब डबल बैंच में जाने की तैयारी
शिक्षकों के तबादलों की याचिका खारिज होने के बाद शिक्षक अब डबल बैंच में जाने की तैयारी में हैं। शिक्षक कल्याण समिति के संयोजक संजय गर्ग ने कहा कि पूर्व में जो याचिका दाखिल की गई थी वह तबादला नियमावली को लेकर थी, अब नियमावली के क्रियान्वयन को लेकर याचिका दाखिल करेंगे।
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