प्रदेश के 325 स्कूलों को प्रभारी प्रिंसिपल मिले हैं। शनिवार को शासन ने इनकी सूची जारी कर दी। वहीं, 320 हेड मास्टरों के पदों के लिए भी डीपीसी पूरी कर ली गई है। शासन की ओर से प्रभारी प्रिंसिपलों को पहली बार काउंसलिंग के आधार पर स्कूलों में तैनाती दी गई है।
प्रदेश के 575 इंटरमीडिएट कॉलेजों में वर्षों से प्रिंसिपलों के पद रिक्त थे, शनिवार को शासन ने इनमें से 325 स्कूलों के प्रभारी प्रिंसिपलों की सूची जारी कर दी। इसमें 303 पुरुष और 22 महिला संवर्ग की प्रभारी प्रिंसिपल हैं।
अपर मुख्य सचिव ने जारी शासनादेश में कहा कि प्रिंसिपल एक सप्ताह के भीतर कार्यभार ग्रहण करें। ऐसे प्रिंसिपल जो नवीनतम तैनाती स्थल पर निर्धारित समय के भीतर कार्यभार ग्रहण नहीं करते उन्हें वर्तमान तैनाती स्थान से खुद ही कार्यमुक्त माना जाएगा।
पहली बार काउंसलिंग से तैनाती
प्रदेश में पहली बार ऐसा हुआ है जब शिक्षकों से विकल्प मांग कर काउंसलिंग के आधार पर उनकी तैनाती की गई। उप शिक्षा निदेशक माध्यमिक यूडी गोस्वामी ने कहा कि विभाग में स्थायी 320 हेड मास्टरों के पदों के लिए भी डीपीसी हो चुकी है। 15 फरवरी के बाद इनकी काउंसलिंग की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इसमें 45 फीसदी प्रवक्ता और 55 फीसदी सहायक अध्यापक प्रमोशन पाकर हेड मास्टर बनेंगे।
इनका है कहना
शासन की ओर से पहली बार काउंसलिंग के आधार पर प्रभारी प्रिंसिपलों को तैनाती दी गई है। इससे प्रिंसिपलों में उत्साह है, जो इसी उत्साह से अपने विद्यालयों में काम करेंगे। संगठन मांग करता है कि छात्र हित में भविष्य में भी प्रमोशन के साथ काउंसलिंग के आधार पर प्रिंसिपलों को तैनाती की जाए।
- सुरेंद्र सिंह बिष्ट, प्रदेश अध्यक्ष, राजकीय प्रधानाचार्य एसोसिएशन