नियम 134 के तहत दाखिले के लिए रविवार को हरियाणा में करीब 29 हजार बच्चों ने लर्निंग लेवल असेसमेंट टेस्ट दिया। हालांकि कई बच्चे यह परीक्षा देने से वंचित रह गए।
असेसमेंट की इस कसरत में सरकारी स्कूलों के बच्चों को ज्यादा दिमागी कसरत करनी पड़ी। सरकारी स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों के हिसाब से टेस्ट का पेपर कठिन था।
हरियाणा के सभी जिलों में कुल 44 परीक्षा केंद्रों पर यह परीक्षा ली गई। असेसमेंट टेस्ट प्रक्रिया के लिए हरियाणा मौलिक शिक्षा विभाग की ओर से विशेष इंतजाम किए गए थे। दाखिले के लिए करीब 32 हजार बच्चों ने आवेदन किया था, लेकिन कुछ बच्चों के फार्म में खामियां होने के कारण उनका आवेदन रद्द हो गया।
ऐसे बच्चों को एक और मौका मिलने की उम्मीद है। हरियाणा में दाखिलों के लिए ढाई लाख से ज्यादा सीटें खाली हैं। शिक्षा विभाग के मुताबिक राज्य में 4800 निजी स्कूल हैं। जहां लाखों बच्चे पढ़ रहे हैं। नियम 134 ए के तहत दस फीसदी गरीब बच्चों के दाखिले के लिए ढाई लाख से ज्यादा सीटें बनती हैं।
ऐसे में अभी तक शिक्षा विभाग की ओर से जारी की गई दाखिला सूची कुल सीटों के मुकाबले में बहुत कम है। उधर, दो जमा पांच मुद्दे जन आंदोलन के अध्यक्ष सत्यवीर सिंह हुड्डा ने कहा है कि शिक्षा विभाग को टेस्ट से वंचित बच्चों को भी शामिल करने का मौका देना चाहिए।
उन्होंने बताया कि कई बच्चे ऐसे रह गए हैं। जिसने फार्म तो भरा, लेकिन सूची में नाम न होने से दाखिला लेने से रह गए हैं। उन्होंने मांग की है कि अतिशीघ्र इसका रिजल्ट निकाला जाए। जिससे बच्चों की पढ़ाई में कोई नुकसान न हो।