हेमवती नंदन गढ़वाल विश्वविद्यालय के आला अधिकारियों की लापरवाही का नतीजा एक बार फिर से विवि से जुड़े हजारों छात्रों को उठाना पड़ सकता है। गढ़वाल विवि द्वारा बीएड परीक्षा का परिणाम घोषित न करने से छात्रों के लिए मुश्किलें बढ़ गई हैं।
गढ़वाल विवि का बीएड सत्र एक बार फिर संकटों में घिरता नजर आ रहा है। मई माह में हुई बीएड प्रवेश परीक्षा का परिणाम अभी तक जारी नहीं होने के चलते 20 हजार छात्र परेशान हैं।
जबकि विवि ने महज सात दिन में रिजल्ट जारी करने का दावा किया था। बताया जा रहा है कि बैचलर पाठ्यक्रमों का रिजल्ट और मार्कशीट तैयार न होने की वजह से बीएड का रिजल्ट विवि ने रोका हुआ है।
20 हजार छात्रों ने की थी शिरकत
गढ़वाल विवि के 60 बीएड कालेजों की 6500 सीटों के लिए 26 मई 2013 को प्रवेश परीक्षा आयोजित की गई थी। प्रवेश परीक्षा में 20 हजार छात्रों ने शिरकत की थी।
विवि की बीएड सीटों को लेकर मची जबर्दस्त मारामारी के बीच अब सबसे पहली मुश्किल रिजल्ट को लेकर पैदा हो गई है।
कर्मचारियों की हड़ताल भी रिजल्ट में बाधा
विवि ने रिजल्ट रोक लिया है, अभी बैचलर कोर्स के सभी रिजल्ट जारी होने के बाद ही विवि प्रशासन बीएड रिजल्ट को जारी करेगा। इस बीच विवि परिसर में कर्मचारियों की हड़ताल भी रिजल्ट में बाधा पैदा कर रही है।
गढ़वाल विवि का बीएड सत्र पहले भी इस तरह की वजहों के चलते लेट हो गया था। जिससे विवि का वर्ष 2010-11 का बीएड सत्र शून्य घोषित करना पड़ा था। इस बार फिर हालात सत्र लेट होने के नजर आ रहे हैं।
दूसरे राज्यों का कर रहे रुख
हर साल सबसे बड़ा मुद्दा बीएड करने के इच्छुक युवाओं का प्रदेश से पलायन करना है। बीएड कोर्स करने के लिए उत्तराखंड के युवा हरियाणा और जम्मू कश्मीर में बीएड करने के लिए जाते हैं।
इस बार भी इन राज्यों में एडमिशन प्रक्रिया शुरू होने और गढ़वाल विवि का बीएड सत्र अधर में होने के चलते युवा इन राज्यों का रुख कर रहे हैं।
इनकी भी सुनिए
हमनें रिजल्ट तैयार कर लिया था लेकिन बैचलर पाठ्यक्रमों का परिणाम पूरा न होने की वजह से अटका हुआ है। उम्मीद है जल्द ही रिजल्ट आउट हो जाएगा।
- पीएस राना, कुलसचिव, गढ़वाल विवि
विवि की कार्यप्रणाली की वजह से इस बार फिर बीएड का सत्र लेट होता नजर आ रहा है। इससे हमारा भी नुकसान होगा और युवाओं का भी।
- सुनील अग्रवाल, अध्यक्ष, सेल्फ फाइनेंस इंस्टीट्यूट एसोसिएशन