पंजाब यूनिवर्सिटी (पीयू) में 10 साल से अधिक समय से कांट्रेक्ट पर नौकरी कर रहे सी और डी कैटेगरी के कर्मचारियों को पीयू प्रशासन की ओर से रेगुलर करने की तैयारी है।
जानकारी अनुसार, इस मामले को लेकर पीयू नॉन टीचिंग एसोसिएशन की ओर से लंबे समय से सीनेट और सिंडीकेट में मामला उठाया गया था।
सूत्रों के अनुसार, अगर कुलपति से मामले में अनुमति मिली तो आगामी 22 फरवरी को होने वाली सिंडीकेट बैठक में भी अस्थायी कर्मचारियों को रेगुलर किए जाने का प्रस्ताव लाया जा सकता है।
पीयू में करीब 150 कर्मचारी 10 से 20 सालों से अस्थायी तौर पर नौकरी कर रहे हैं। लेकिन, अभी तक उन्हें स्थायी नहीं किया जा सका है।
पिछले 2-3 सालों से सीनेट में नॉन टीचिंग एसोसिएशन प्रधान और अन्य सीनेट मेंबर की ओर से अस्थायी कर्मचारियों को रेगुलर करना का मामला लगातार उठता रहा है।
8 दिसंबर 2013 को भी पीयू के अस्थायी कर्मचारियों को रेगुलर किए जाने के मामले में डीयूआई की अध्यक्षता में कमेटी गठित की गई थी।
कमेटी ने अपनी रिपोर्ट को क्लीयर कर वीसी को भेज दी। बाद में इस मामले में कानूनविदों से भी राय ली गई। अब मामले की फाइल पीयू के आला अधिकारियों के पास है।
कुछ रोज पहले ही नॉन टीचिंग एसोसिएशन प्रधान दीपक कौशिक और अन्य कर्मचारी मामले में वीसी और रजिस्ट्रार से मिले थी। अधिकारियों ने आगामी सिंडीकेट में प्रस्ताव लाए जाने का वादा किया था।
308 क्लर्क की इंक्रीमेंट को क्लीयरेंस
पीयू में करीब 26 साल के बाद 11 फरवरी 2013 को 308 स्थायी क्लर्क की नियुक्ति की गई थी। जिसमें कई सालों से अस्थायी 53 कर्मचारियों को भी रेगुलर किया गया था।
पिछले काफी दिनों से इन क्लर्क की इंक्रीमेंट को लेकर विवाद जारी था। लेकिन, कुछ रोज पहले ही रजिस्ट्रार और फिर कुलपति की ओर से मामले को क्लीयर कर दिया गया है। सूत्रों के अनुसार मार्च 2014 में पिछले साल चयनित सभी क्लर्क को नियमों के तहत इंक्रीमेंट मिल जाएगा।