लखनऊ विश्वविद्यालय में गुरुवार को हुई कार्यपरिषद की बैठक में 12 डिग्री कॉलेजों को विभिन्न कोर्स चलाने की मान्यता मिल गई।
कई कॉलेजों को 2014-15 से एक वर्ष व कुछ को दो वर्ष की अस्थायी व स्थायी संबद्धता दी गई है। नेशनल काउंसिल फॉर टीचर्स एजूकेशन की मान्यता की जरूरत होती है, उन्हें फिलहाल संबद्धता नहीं दी गई है।
वहीं, एलयू व डिग्री कॉलेजों में पीजी में इंटरनल असेसमेंट की व्यवस्था लागू करने को हरी झंडी मिल गई है। इसके तहत अब 70 अंकों की सेमेस्टर परीक्षा, 30 अंकों की इंटरनल असेसमेंट होगा।
इसमें 15 नंबर क्लास टेस्ट, 10 नंबर ग्रुप असाइनमेंट और पांच नंबर अटेंडेंस के होंगे। इसी शैक्षिक सत्र से यह व्यवस्था लागू कर दी गई है।
दूसरी ओर, ओएनजीसी की मदद से 24 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले रिसर्च सेंटर को भी मंजूरी दे दी गई।
वहीं, फिजिक्स विभाग में शिक्षकों का प्रोफेसर, असिस्टेंट प्रोफेसर व असिस्टेंट प्रोफेसर सीनियर (सीनियर स्केल) पर प्रोन्नति दे दी गई।
फिजिक्स विभाग में सिर्फ डॉ. नवीना बाधवानी को प्रोफेसर पद पर अर्हता पूरी न होने पर प्रोन्नति नहीं मिल पाई है।
कार्यपरिषद की बैठक में सदस्यों ने कहा कि ऐसे टेक्निकल कोर्स, जिन्हें एनसीटीई की मान्यता है।
उन्हें अभी मंजूरी न दी जाए। विस्तृत जांच करने के बाद ही इन पर कोई फैसला लिया जाए। ऐसे बीएड कॉलेज, जिन पर छात्रों ने अधिक फीस वसूली के आरोप लगाए थे और उनकी फीस विवि में जमा हुई थी।
कार्यपरिषद सदस्यों ने ब्याज सहित फीस वापसी के निर्देश दिए गए हैं।
इसके अलावा लखनऊ विश्वविद्यालय में कर्मचारियों व शिक्षकों को मेडिकल की सुविधा देने के लिए एक कारपस फंड बनाने को भी मंजूरी दे दी गई।
वहीं, स्वायत्त कॉलेज यूनिवर्सिटी को डिग्री शुल्क के रूप में प्रति छात्र 300 रुपये के अनुसार भुगतान करेंगे।
इसके अलावा फिजिक्स विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. चांदकी राम गौतम को राइस विश्वविद्यालय यूएसए में रिसर्च करने के लिए स्ट्डी लीव दे दी गई है।