शहर के सरकारी स्कूलों में इस साल दसवीं और बारहवीं कक्षा की परीक्षा में रिजल्ट बेहद खराब रहा। इसका कारण भले ही डीपीआई कमलेश कुमार भादू ने शिक्षकों से ज्यादा अभिभावकों पर थोप दिया हो, लेकिन स्कूल रिकार्ड से यह बात साफ होती है कि स्कूलों में पढ़ाई को लेकर शिक्षक कितने गंभीर हैं।
यह बात इस साल दसवीं कक्षा में प्रवेश करने वाले विद्यार्थियों की संख्या से साफ जाहिर होती है। नौवीं कक्षा में इस साल 12324 विद्यार्थियों में मात्र 7980 ही पास हो सके। जबकि 4344 विद्यार्थी नौवीं में ही फेल हो गए।
इन फेल विद्यार्थियों में से कुछ ने रीअपीयर टेस्ट पास कर दसवीं में एडमिशन भी ले ली है, लेकिन इनमें से 300 विद्यार्थी अभी भी दूसरी बार होने वाले रीअपीयर की परीक्षा का इंतजार कर रहे हैं। दसवीं कक्षा की परीक्षा में 82 स्कूलों में से मात्र 18 विद्यार्थी ही दस सीजीपीए हासिल कर पाए थे।
नौवीं कक्षा में सेक्टर के मॉडल का रिजल्ट भी रहा खराब
स्कूल--------------------कुल-------------पास-----------फेल
जीएमएसएसएस-10-------297-------------68------------229
जीएमएसएसएस-8--------136--------------90------------46
जीएमएसएसएस-15-------146-------------130------------16
जीएमएसएसएस मनीमाजरा--427------------300-----------127
जीएसएसएस-45----------337------------183------------154
जीएसएसएस-धनास--------143------------30--------------78
जीएमएसएसएस-27---------90------------49--------------41
जीएमएसएसएस-16--------264-----------210-------------54
जीएमएसएसएस-18--------128------------73--------------55
जीएमएसएसएस-19--------196-----------150-------------46
जीएमएसएसएस-20डी------110------------55-------------55
जीएमएसएसएस-21---------87------------42-------------45
जीएमएसएसएस-22---------87------------75-------------12
जीएमएसएसएस-32--------138------------102-----------36
जीएमएसएसएस-35--------152-----------112------------40
जीएमएसएसएस-37बी-------158-----------90------------68
जीएमएसएसएस-38वेस्ट------227----------129-----------98
जीएमएचएस-29------------148-----------117-----------31
जीएमएचएस- विकासनगर-----302----------137----------165
जीएमएचएस-मनीमाजरा-------336----------241----------95
जीएमएचएस-25-------------228----------116----------112
जीएमएचएस हल्लोमाजरा------250-----------55----------195
इन स्कूलों सहित अन्य स्कूलों में भी नौवीं कक्षा में परिणाम बेहद खराब रहा है, लेकिन अभी तक डीपीआई ने इस स्कूलों में बेहतर परिणाम के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया है।