फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जोखिम खड़ा कर सकता है बैंकों का बढ़ता एनपीए

Wed, 16 Jan 2013 07:30 PM IST
वाशिंगटन/एजेंसी
विज्ञापन
विज्ञापन
देश में बैंकों की बढ़ती गैर निष्पादित संपत्तियों (एनपीए) पर चिंता जताते हुए अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने चेताया है कि यह देश की अर्थव्यवस्था के लिए भी खतरनाक हो सकता है। आईएमएफ ने एक रिपोर्ट में कहा है कि बैंकों का यह फंसा हुआ पैसा उनके लिए नकदी का संकट खड़ा कर सकता है, जोकि अंतत: अर्थव्यवस्था के लिए एक अल्पकालिक जोखिम (नियर टर्म रिस्क) साबित हो सकता है।
विज्ञापन


फरवरी 2012 तक के आर्थिक व वित्तीय आंकड़ों पर आधारित इस रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत की वित्तीय प्रणाली विदेशी बाजारों के साथ बढ़ते जुड़ाव के चलते जटिल होती जा रही है। ऐसे में बैंकों का बढ़ता जा रहा एनपीए एक बड़ा जोखिम साबित हो सकता है क्योंकि इससे अर्थव्यवस्था पर नकदी का दबाव बढ़ेगा।

हालांकि रिपोर्ट में देश की वित्तीय प्रणाली में स्थिरता की सराहना की गई है, लेकिन एनपीए जैसे जोखिमों से सतर्क रहने की चेतावनी दी गई है। आईएमएफ ने कहा कि देश में बैंकिंग, बीमा और प्रतिभूति (सिक्यूरिटी) बाजारों के नियमन और निगरानी की प्रणाली की सराहना करते हुए इन्हें अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप बताया है।
विज्ञापन
विज्ञापन


विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें