देश की तीसरी बड़ी आईटी कंपनी विप्रो पर बंगलूरू महानगर पालिका ने तलवार लटका रखी है। निगम का कहना है कंपनी ने लगभग साढ़े सोलह करोड़ रुपये का प्रॉपर्टी टैक्स नहीं चुकाया है।
अगर इसने यह रकम अदा नहीं की तो इसकी चल संपत्तियों को जब्त किया जा सकता है। जबकि विप्रो का कहना है कि इस मामले के निपटारे के लिए वह अपने पास मौजूद सभी कानूनी विकल्पों को आजमाने पर विचार कर रही है।
वृहत बंगलूरू महानगर पालिका यानी बीबीएमपी का कहना है कि बार-बार नोटिस देने के बावजूद विप्रो ने बकाया टैक्स नहीं चुकाया है।
अब कंपनी को आखिरी नोटिस दिया गया है। अगर इस बार भी वह टैक्स नहीं चुकाती तो उसकी चल संपत्तियों को जब्त करने समेत कड़े कानूनी कदम उठाए जाएंगे।
कराधान और वित्त से संबंधित बीबीएमपी की स्थायी समिति के चेयरमैन एमएस शिवप्रसाद ने कहा कि महानगर पालिका का विप्रो पर 16.47 करोड़ रुपये का बकाया है, लेकिन लगातार नोटिस जारी करने के बाद इसे जमा नहीं कराया गया। दूसरी ओर, विप्रो ने नोटिस को दबाव डाल कर पैसा वसूलने का तरीका बताया।