महंगाई की मार आम आदमी की जेब और जीवन पर भारी पड़ रही है। महंगाई रोकने के सरकारी दावों के बावजूद अक्तूबर में खाने-पीने की चीजों के थोक दाम 18 फीसदी से ज्यादा बढ़े हैं। सब्जियां 78 फीसदी और प्याज 278 फीसदी महंगी हुई जबकि फलों व दूध पर करीब 16 फीसदी महंगाई है।
ईंधन के दाम भी 10 फीसदी से ज्यादा बढ़े हैं। रोटी-कपड़ा-मकान पर भारी पड़ती थोक महंगाई 8 महीने के टॉप पर पहुंच चुकी है। इससे महंगे कर्ज की मार भी पड़ सकती है।
कर्ज महंगा होने का खतरा
अर्थशास्त्री टीएच पई पनंदीकर का कहना है कि अच्छे मानसून और बंपर पैदावार के बावजूद खाद्य महंगाई में राहत नहीं मिली है। ऐसे में अगर रिजर्व बैंक ब्याज दरें बढ़ाता है तो इससे उद्योगों में दिखे मामूली सुधार पर भी बुरा असर पड़ेगा। इसके अलावा आम आदमी की खर्च क्षमता भी प्रभावित होगी।
गुना बढ़ी खाद्य महंगाई
खाने-पीने की चीजों की महंगाई पिछले साल के मुकाबले तीन गुना तेजी से बढ़ी है। पिछले साल अक्तूबर में खाद्य महंगाई 6.72 फीसदी पर थी, जबकि इस साल यह 18.19 फीसदी है। पिछले साल इस समय प्याज के दाम 9 फीसदी कम हुए थे, जबकि इस साल ये करीब तीन गुना बढ़ गए हैं। हालांकि, दालों के थोक दाम जरूर 11 फीसदी घटे हैं।
अक्तूबर में खाद्य पदार्थों की महंगाई
अक्तूबर 13 सितंबर 13
दूध-------5.30-------5.77
गेहूं-------7.88-------5.90
आलू-------1.21-------13.10
चावल-------15.69-------18.76
फल-------15.94-------13.54
प्याज-------278.2-------322.9
सब्जी-------78.3-------89.3
दाल--------11.19-------13.42
अनाज-------12.00-------13.05
अंडा,मांस-------17.47-------13.37