बनारस के बुनकर अब अपने उत्पादों की ऑनलाइन बिक्री स्नैपडील के प्लेटफार्म के जरिए कर सकेंगे। भारतीय डाक विभाग बुनकरों के उत्पादों को ऑनलाइन प्लेटफार्म तक पहुंचाने में सक्रिय भूमिका अदा करेगा। इस संबंध में ई-कॉमर्स कंपनी स्नैपडील और भारतीय डाक विभाग के बीच समझौता किया गया है।
समझौते के मुताबिक बनारस के मुख्य डाक घर में बुनकरों की सुविधा के लिए एक ई-कॉमर्स डेस्क बनाई गई है। इस डेस्क की मदद से बुनकरों का पंजीकरण करके उनके उत्पादों को स्नैपडील की साइट पर प्रदर्शित करने का काम किया जाएगा। बुनकरों के उत्पाद के ऑर्डर को रिसीव करने, उसे ग्राहक तक पहुंचाने, उसकी पैकेजिंग व अन्य काम स्नैपडील करेगी। जरूरत पड़ने पर ग्राहकों तक बुनकरों के उत्पाद को पहुंचाने का काम भारतीय डाक विभाग कर सकता है।
मंत्रालय सूत्रों के मुताबिक स्नैपडील के साथ समझौते का मुख्य मकसद बुनकरों के उत्पादों को राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहुंचाने का है। इस प्रकार की मार्केटिंग के लिए बुनकरों को नाममात्र का खर्च करना पड़ेगा। स्नैपडील अपनी साइट पर इन बुनकरों के उत्पादों की बिक्री के लिए इंडिया पोस्ट नामक स्टोर लांच करेगी।
स्नैपडील की तरफ से बुनकरों को नवीनतम फैशन व ट्रेंड की भी जानकारी दी जाएगी, ताकि बुनकर मांग के मुताबिक अपने उत्पाद बना सकें। बनारस के बुनकरों के बाद इस प्लेटफार्म पर अन्य इलाकों के बुनकरों को भी लाने की तैयारी है। बुनकरों को ई-कॉमर्स पर लाने से उनके उत्पादों की बिक्री में बढ़ोतरी की संभावना है। बुनकरों के उत्पाद की मार्केटिंग नहीं होने की स्थिति में उनके परंपरागत उत्पाद के खत्म होने की भी आशंका दिखने लगी है।