अपने खिलाफ जारी प्रवर्तन निदेशालय की जांच के बावजूद भारत में प्रवेश के लिए अमेरिकी रिटेल कंपनी वालमार्ट लॉबिंग करने में लगी हुई है। वर्ष 2012 के दौरान कंपनी ने इसके लिए 32.58 करोड़ रुपये खर्च किए।
अमेरिकी कांग्रेस की लॉबिंग डिस्क्लोजर रिपोर्ट के हालिया रिकॉर्ड के मुताबिक, कंपनी ने 31 दिसंबर 2012 को खत्म हुए आखिरी तिमाही में भारत में एफडीआई संबंधी चर्चा समेत विभिन्न मुद्दों पर लॉबिंग के लिए 7.86 करोड़ रुपये खर्च किए।
रिकॉर्ड के अनुसार, इसको मिलाकर कंपनी ने 2012 के दौरान 32.58 करोड़ रुपये लॉबिंग पर व्यय किए। अमेरिकी कानून के मुताबिक, हर कंपनी को लॉबिंग पर किए गए खर्च की जानकारी देना अनिवार्य है। संसद में राजनीतिक दलों के भारी हंगामे के चलते भारत सरकार ने प्रवर्तन निदेशालय को कंपनी के भारतीय मार्केट में पहुंच के लिए की गई लॉबिंग संबंधी गतिविधियों की जांच का आदेश दिया है।
भारत ने पिछले साल ही रिटेल सेक्टर को एफडीआई के लिए खोलने का फैसला लिया था। हालांकि कंपनी का कहना है कि लॉबिंग पर खर्च का भारतीय सरकारी अधिकारियों या किसी राजनीतिक व्यक्ति के साथ करार से लेना-देना नहीं है।