वोडाफोन से 21,000 करोड़ रुपए की टैक्स वसूले जाने का मामले पर वोडाफोन नाराज हो गया है।
भारत सरकार और ब्रिटिश टेलीकॉम कंपनी वोडाफोन के बीच टैक्स मामलों को लेकर चल रही वार्ता असफल होने के करीब एक हफ्ते बाद कंपनी ने नाराजगी भरे लहजे में अपनी प्रतिक्रिया दी है। कंपनी के अनुसार टैक्स मुद्दे को लेकर चल रही बातचीत में उसने हर तरह से भारत सरकार के साथ सहयोग किया है। इसमें कंपनी की शुरू से यह कोशिश थी कि ऐसा कोई रास्ता निकले जो दोनों पक्षों के लिए अच्छा हो।
बुधवार को वोडाफोन ने ऐसे समय में यह प्रतिक्रिया दी है, जब एक बार फिर ऐसी बातें सामने आ रही हैं कि भारत सरकार फिर से कंपनी के साथ बातचीत कर कोई रास्ता निकालना चाह रही है।
कंपनी के अनुसार उसने हर समय तय वक्त में सरकार के सवालों के जवाब दिए हैं। उल्टे ऐसी भी नौबत आई है कि जब कंपनी के रिस्पांस पर भारत सरकार के तरफ से छह महीने बाद कोई जवाब आया । कंपनी के अनुसार सहमति बनती न देख उसने भारत सरकार को अंतरराष्ट्रीय कानूनों और फोरम के तहत मामला सुलझाने का भी प्रस्ताव दिया था, पर उसे अस्वीकार कर दिया गया है।
वोडाफोन और भारत सरकार के बीच कंपनी द्वारा साल 2007 में हचिसन एस्सार के अधिग्रहण के बाद करीब 2.6 अरब डॉलर की टैक्स देनदारी के मामलों के लेकर विवाद चल रहा है। इसे सुलझाने के लिए दोनों के बीच जनवरी 2013 से बातचीत चल रही थी, जो कि पिछले हफ्ते टूट गई।