विक्रम पंडित ने सिटी बैंक के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) के पद व बैंक के बोर्ड की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। बैंक की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक पंडित के इस्तीफे के बाद बैंक के निदेशक मंडल ने सर्वसम्मति से पंडित की जगह मिशेल कॉर्बेट को नया सीईओ और बोर्ड का निदेशक चुना है।
सीईओ के पद से पंडित इस्तीफा सिटी बैंक के निराशाजन तिमाही नतीजे सामने आने के बाद दिया गया है। नतीजों के मुताबिक जुलाई-सितंबर की तिमाही में बैंक का मुनाफा 88 फीसदी की भारी-भरकम गिरावट के साथ 46.8 करोड़ डॉलर पर आ गया।
मुनाफे में इतनी बड़ी गिरावट आने पर पंडित ने यह कहते हुए इस्तीफा दे दिया कि अब वह वक्त आ गया है कि बैंक के सीईओ के पद की जिम्मेदारी किसी और को सौंप दी जाए। हालांकि बैंक अपने मजबूत वित्तीय ढांचे के चलते गिरावट के दौर से उबर चुका है। उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान कामकाज में सहयोग देने के लिए बैंक के सभी कर्मचारियों का शुक्रिया अदा किया है।
सीईओ के पद पर कॉर्बेट की नियुक्ति पर खुशी जताते हुए पंडित ने उन्हें इस पद के लिए सर्वथा उपयुक्त व्यक्ति बताया है और खुशी जताई है कि वह एक बेहतर व्यक्ति के हाथों अपनी जिम्मेदारियां सौंप कर जा रहे हैं। गौरतलब है कि नागपुर में जन्मे और कोलंबिया विश्वविद्यालय से स्नातक 55 वर्षीय विक्रम पंडित ने दिसंबर 2007 में सिटी बैंक के सीईओ का पद संभाला था।
कौन हैं विक्रम पंडित
सिटी ग्रुप के भारतीय मूल के सीईओ
जन्म : 14 जनवरी, 1957 को नागपुर (महाराष्ट्र) में
पत्नी: स्वाती
बच्चे : एक पुत्र व एक पुत्री
शिक्षा : 1986 में पीएचडी (फाइनेंस) कोलंबिया यूनिवर्सिटी से
करियर:
2007 : सिटी ग्रुप के सीईओ बने।
मार्च, 2012 : 2011 में विक्रम पंडित के वेतन पैकेज में 16.7 लाख डॉलर सैलरी, 53.3 लाख डॉलर का कैश इंसेंटिव 79.8 लाख डॉलर के शेयर (स्टॉक ऑप्शन) दिए गए। इस तरह उन्हें कुल मिलाकर 1.49 करोड़ डॉलर मिले थे।
पंडित को सिटी ग्रुप में पहली बार बोनस मिला मिला था। उन्होंने 2010 में एक डॉलर की नाममात्र की सैलरी (टोकन सैलरी) ली थी। दिसंबर 2007 में कामकाज संभालने के बाद से पंडित ने अपना कैश बोनस भी नहीं लिया था।
16 अक्तूबर, 2012 : पंडित ने सिटी ग्रुप के सीईओ पद से इस्तीफा दिया।
अवार्ड: 2008 में भारत सरकार द्वारा पदम भूषण अवार्ड से सम्मानित।