देश में दूध का उत्पादन सालाना 19 फीसदी की दर से बढ़ रहा है। इसमें रोचक बात यह है कि दूध उत्पादन में बढ़ोतरी के मामले में आंध्र प्रदेश, केरल और कर्नाटक दक्षिण भारत के राज्य तेजी से आगे बढ़ते हुए उत्तर भारतीय राज्यों के दबदबे को टक्कर देने की ओर अग्रसर हो रहे हैं। यह बात देश में दूध उत्पादन को लेकर उद्योग संगठन एसोचैम की ओर से जारी एक रिपोर्ट में सामने आई है।
उत्तर प्रदेश है नंबर 1
रिपोर्ट के मुताबिक उत्तर प्रदेश देश का सबसे बड़ा दुग्ध उत्पादक राज्य होने के बावजूद फिलहाल अपनी भारी-भरकम आबादी, लोगों की क्रय शक्ति कम रहने और दूध के परिवहन के लिए जरूरी सुविधाएं न उपलब्ध होने के चलते प्रति व्यक्ति दूध उपलब्धता के मामले में पहले पांच राज्यों में भी जगह नहीं बना पाया है।
प्रति व्यक्ति रोजाना उपलब्धता के मामले में पंजाब 937 ग्राम, हरियाणा 679 ग्राम, राजस्थान 538 ग्राम, हिमाचल प्रदेश 446 ग्राम और गुजरात 435 ग्राम पांच अग्रणी राज्य हैं।
यदि देश में होने वाले कुल दूध उत्पादन में राज्यों की हिस्सेदारी की बात करें, तो उत्तर प्रदेश 17 फीसदी उत्पादन के साथ देश में अव्वल है। इसके बाद क्रमश: राजस्थान 11 फीसदी, आंध्र प्रदेश 9, पंजाब लगभग 8 फीसदी और गुजरात लगभग 8 फीसदी टॉप-3 में शामिल हैं।
बढ़ा दूध का उत्पादन
रिपोर्ट के मुताबिक दूध की उत्पादन और उपलब्धता दोनों ही पैमानों पर दक्षिण भारतीय राज्य तेजी से आगे आ रहे हैं। उपलब्धता के मामले में सर्वाधिक विकास दर आंध्र प्रदेश 36 फीसदी की है। इसके बाद क्रमश: केरल 21 फीसदी, राजस्थान (20 फीसदी, कर्नाटक 19 फीसदी और गुजरात 17 फीसदी है।
उत्पादन के मामले में भी सबसे ज्यादा 41 फीसदी की विकास दर आंध्र प्रदेश ने दर्ज की है। इसके अलावा राजस्थान 28 फीसदी, केरल 24.8 फीसदी, कर्नाटक 24 और गुजरात 23.7 फीसदी के साथ इस मामले में पहले पांच राज्यों में शुमार हैं।
रिपोर्ट में कहा गया है कि देश में दूध उत्पादन और बढ़ने तथा इसकी उपलब्धता में समानता के लिए जरूरी है कि ग्रामीण आबादी को इस क्षेत्र से जुड़ने के लिए प्रोत्साहित किया जाए। साथ ही उत्पादक ग्रामीण क्षेत्रों और शहरी बाजारों के बीच परिवहन की सुविधा उपलब्ध कराने की भी जरूरत बताई गई है।
सबसे बड़ा उत्पादक होकर भी उपलब्धता में पीछे है भारत
एसोचैम की रिपोर्ट के मुताबिक वर्ष 2010-11 में देश में दूध का कुल उत्पादन 12.1 करोड़ टन था, जो 2016-17 तक बढ़कर 15 करोड़ टन हो जाएगा, जोकि करीब-करीब देश में दूध की कुल मांग के बराबर होगा।
रिपोर्ट में बताया गया है कि दुनिया का सबसे बड़ दूध उत्पादक देश भारत प्रति व्यक्ति उपलब्धता के मामले में दुनिया के कई दूसरे देशों से काफी पीछे है। भारत में उपलब्धता 252 ग्राम प्रति व्यक्ति है जो 279 ग्राम के ग्लोबल औसत से कम है।
न्यूजीलैंड में प्रति व्यक्ति दूध की उपलब्धता 9,773 ग्राम, आयरलैंड में 3,260 ग्राम और डेनमार्क में 2,411 ग्राम है।