अनलिमिटेड थ्रीजी के नाम पर ग्राहकों के साथ धोखा हो रहा है। ज्यादातर मोबाइल कंपनियां अनलिमिटेड थ्रीजी का विज्ञापन देकर ग्राहकों को गुमराह करने में जुटी हुई हैं। कंपनियां विज्ञापनों के जरिए थ्रीजी सेवा बिना समयसीमा के देने का दावा करती है, लेकिन यह प्लान सीमित समय के लिए है। साथ ही डाटा लिमिट खत्म होने के बाद थ्रीजी सेवा टूजी में बदल जाती है। यही नहीं, कई कंपनियां ग्राहकों से बिना पूछे उनके मोबाइल पर थ्रीजी सेवा शुरू कर दे रही हैं।
कई बड़ी मोबाइल सेवा कंपनियां अपनी थ्रीजी सेवा ‘अनलिमिटेड थ्रीजी’ के नारे के साथ बेच रही हैं। मगर कंपनियों का यह नारा ग्राहकों को झांसा देने से ज्यादा और कुछ नहीं है। दरअसल, यह थ्रीजी सेवा सिर्फ महीने भर के लिए है। थ्रीजी सेवा भी एक सीमित स्तर तक इस्तेमाल की जा सकती है। अर्थात अगर आप थ्रीजी सेवा के तहत डाटा की सीमा से ज्यादा सेवा का इस्तेमाल करते है तो तुरंत आपकी थ्रीजी सेवा टूजी सेवा में बदल जाएगी। साफ है कि अनलिमिटेड थ्रीजी सेवा देने के नाम पर कंपनियां ग्राहकों को झांसा दे रही हैं।
कई उपभोक्ता संगठनों ने कंपनियों के ऐसे हथकंडों को लेकर आवाज उठाई है। मगर सरकार की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। ट्राई के तहत मान्यता प्राप्त टेलीकॉम सब्सक्राइबर एसोसिएशन के अध्यक्ष रंधीर वर्मा कहते हैं कि कंपनियां थ्रीजी सेवा खरीदने के लिए काफी निवेश कर चुकी हैं। अब इसकी भरपाई के लिए वे ग्राहकों को ऐसे हथकंडों के जरिए झांसा दे रही हैं। जब ग्राहक को थ्रीजी सेवा के लिए बार बार अपना प्लान टॉप अप करवाना पड़ता है तो फिर कैसा अनलिमिटेड प्लान।
एक तय डाटा सीमा के बाद थ्रीजी प्लान टूजी सेवा में बदलना कंपनियों की दादागिरी है। यही नहीं कई कंपनियां तो बिना ग्राहकों को सूचना दिए थ्रीजी सेवा शुरू कर जमकर शुल्क वसूल रही हैं। कंपनियों को जैसे ही मालूम चलता है कि ग्राहक के पास थ्रीजी सेवा वाला मोबाइल फोन हैंडसेट है, वे बिना जानकारी दिए थ्रीजी सेवा शुरू कर देती हैं। दूरसंचार विशेषज्ञ कहते है कि कंपनियां ग्राहकों को महंगे और आकर्षक विज्ञापन के जाल में फंसा रही हैं।