रेल मंत्रालय ने किराये में भारी वृद्धि के विरोध को देखते हुए अब मासिक सीजन टिकट (एमएसटी) के आधार मूल्य को दोगुना करने का फैसला वापस ले लिया है।
इसके अलावा उपनगरीय ट्रेनों में 80 किमी. तक सेकंड क्लास किराये में कोई वृद्धि नहीं लागू होगी। रेल मंत्रालय की ओर से सभी क्लास के टिकटों पर 14.2 फीसदी वृद्धि का फैसला 25 जून से लागू हो जाएगा।
चुनावों को देखते हुए सरकार का यू टर्न
रेल किराये में बढ़ोतरी को लेकर विपक्षी दलों के विरोध और हंगामे के बीच मंगलवार को महाराष्ट्र के सांसदों का प्रतिनिधि मंडल भी रेल मंत्री से मिला था।
भाजपा सांसद किरीट सोमैया के नेतृत्व में गए सांसदों ने महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव को देखते हुए रेलवे की ओर से उपनगरीय ट्रेनों और मासिक सीजन टिकट की दरों में की गई वृद्धि को वापस लेने की मांग रखी गई थी।
रेल मंत्री ने सुबह इन सांसदों की मांग पर कार्रवाई का आश्वासन भी दिया था।
आज से महंगी हो जाएगी रेल यात्रा
20 जून को रेल किराये में वृद्धि के आदेश के अनुसार रेलवे ने मासिक सीजन टिकट पर बेस प्राइस 15 सिंगल टिकट के स्थान पर 30 सिंगल टिकट के कीमत के बराबर कर दिया था। इस वृद्धि के ऊपर टिकट की कीमत में हुई 14.2 फीसदी की बढ़ोतरी अलग से की गई थी।
विरोध को देखते हुए अब पहले की दर पर ही 14.2 प्रतिशत वृद्धि लागू की गई है। रेलवे ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि किसी यात्री ने पहले से तीन या छह महीने का अपना सीजन टिकट बनवा रखा है तो उससे कोई अतिरिक्त चार्ज नहीं वसूला जाएगा। यह वृद्धि केवल नए सीजन टिकट जारी करने पर लागू होगी।
रेलवे इसके साथ ही उपनगरीय ट्रेनों के यात्रियों को भी राहत देने का फैसला लिया है। उपनगरीय ट्रेनों के सेकंड क्लास टिकट में 80 किमी. दूरी तक केटिकट पर कोई वृद्धि नहीं लागू होगी। यह फैसला रेलवे ने भाजपा, शिवसेना और सहयोगी दलों के दबाव में महाराष्ट्र चुनाव के मद्देनजर लिया है।