बारहवीं पंचवर्षीय योजना के मसौदे को अमली जामा पहनाने के लिए अगले हफ्ते प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की अध्यक्षता में राष्ट्रीय विकास परिषद (एनडीसी) की बैठक होने वाली है। इसमें सभी राज्यों के मुख्यमंत्री भी शामिल होंगे।
भले ही मौजूदा पंचवर्षीय योजना का करीब एक वर्ष गुजर गया है लेकिन अगले चार वर्ष में देश की विकास दर बढ़ाने की रूपरेखा पर 27 दिसंबर को प्रधानमंत्री अपनी मुहर लगाएंगे। योजना आयोग ने वर्ष 2012-2017 के बीच 8.2 फीसदी विकास दर का लक्ष्य रखा है। पंचवर्षीय योजना के दौरान सरकार का सब्सिडी बोझ कम करने और ढांचागत विस्तार में तेजी लाने की बात भी कही गई है।
बारहवीं पंचवर्षीय योजना के दौरान ग्रामीण विकास और पंचायती राज क्षेत्र में होने वाले केंद्रीय खर्च को कम करने की संभावना है। जबकि स्वास्थ्य और बाल विकास के खर्च को पिछले पंचवर्षीय योजना की तुलना में बढ़ाया जाना है।
उल्लेखनीय है कि मसौदा पत्र में केंद्र से आम आदमी को मिलने वाली सब्सिडी की रकम को सीधे खाते में पहुंचाने की योजना देश में पूरी तरह से लागू करने के लिए वर्ष 2017 तक का समय तय किया गया है। इस योजना को सर्वाधिक महत्वपूर्ण कदम के रूप में बताया गया है।
माना जा रहा है कि एनडीसी की बैठक में बिहार समेत तमाम राज्यों के मुख्यमंत्री अपनी मौजूदा समस्याओं और पंचवर्षीय विकास के लिए केंद्र से विशेष सहायता की मांग को दोहरा सकते हैं।