अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपए में भारी गिरावट और मुद्रास्फीति पर आरबीआई गवर्नर डी सुब्बाराव के बयान के कारण हुई बिकवाली ने आज शेयर बाजार में भारी गिरावट का इंतजाम कर दिया।
रुपए में लगातार चौथे सत्र में गिरावट देखने को मिली और यह शुक्रवार को 16 महीने के सबसे निचले स्तर पर आ गया। पिछले सत्र की तुलना में 33 पैसे टूटकर रुपया 56.77 के स्तर पर बंद हुआ।
चौथी तिमाही में कमजोर जीडीपी ग्रोथ ने भी बाजार का हौसला तोड़ा। पिछली तिमाही में 4.7 की तुलना में यह केवल 4.8 फीसदी तक पहुंच सकी है, जिससे साफ है कि तमाम कोशिशों के बावजूद देश का ग्रोथ इंजन हांफ रहा है।
बीएसई सेंसेक्स 455.10 अंक या 2.25 फीसदी टूटकर 19,760.30 पर आ गया, जबकि निफ्टी 6,000 का स्तर तोड़ गया।
एनएसई निफ्टी में 138.10 या 2.26 फीसदी की गिरावट देखने को मिली और यह 5,985.95 पर बंद हुआ। बीएसई मिडकैप इंडेक्स, बीएसई रियल्टी इंडेकस में भी कमजोरी रही।
सिर्फ बीएसई आईटी इंडेक्स ने कुछ दम दिखाया और यह 0.94 फीसदी मजबूती के साथ बंद हुआ, क्योंकि रुपए की कमजोरी भारतीय आईटी इंडस्ट्री के लिए फायदे का सौदा है।