एयरटेल, वोडाफोन, आइडिया, आरकॉम, एयरसेल, टाटा टेली. और बीएसएनएल जैसी टेलीकॉम कंपनियों ने कुल 2,116.95 करोड़ रुपये की पेनाल्टी का भुगतान नहीं किया है। उपभोक्ता वेरिफिकेशन नियमों की अनुपालना नहीं किए जाने पर इन कंपनियों पर यह पेनाल्टी लगाई गई। सीएजी की रिपोर्ट में यह जानकारी सामने आई है।
नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी) की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक दूरसंचार विभाग (डीओटी) और टीईआरएम सेल्स की ओर से 2009 से 2012 के दौरान दोषपूर्ण उपभोक्ता आवेदन फार्म (सीएएफ) के लिए 2,506.80 करोड़ रुपये की पेनॉल्टी लगाई। सेवा प्रदाताओं ने इनमें से केवल 389.85 करोड़ रुपये की पेनाल्टी का भुगतान किया है।
डीओटी की ओर से सीएजी को उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के मुताबिक आरकॉम पर सबसे अधिक 594.76 करोड़ रुपये का बकाया है। इसी तरह एयरटेल पर 502.8 करोड़, एयरसेल पर 402.31 करोड़, बीएसएनएल पर 269.42 करोड़, वोडाफोन पर 203.04 करोड़, आइडिया सेलुलर पर 74.15 करोड़ और टाटा टेलीसर्विसेज पर 70.47 करोड़ रुपये की पेनॉल्टी बकाया है।
दूरसंचार प्रवर्तन संसाधन एवं निगरानी (टीईआरएम) प्रकोष्ठ मोबाइल कनेक्शन के लिए प्रत्येक गलत उपभोक्ता आवेदन फार्म पर 1,000 रुपये की पेनाल्टी लगाता है। हालांकि, 95 फीसदी फार्म सही होते हैं।