सब्जियों और फलों की कीमतों में नरमी के चलते दिसंबर 2013 में खुदरा महंगाई दर तीन माह के निचले स्तर 9.87 फीसदी पर आ गई।
सब्जियों और फलों की कीमतों में नरमी के चलते दिसंबर 2013 में खुदरा महंगाई दर तीन माह के निचले स्तर 9.87 फीसदी पर आ गई। नवंबर और अक्तूबर में खुदरा महंगाई डबल डिजिट में थी। नवंबर 2013 में आंकड़ा 10.2 फीसदी पर था। महंगाई में आई नरमी से रिजर्व बैंक के लिए ब्याज दरों के मोर्चे पर राहत देने का अवसर बनेगा।
सरकार की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार दिसंबर 2013 में सब्जियों की महंगाई 38.76 फीसदी रही, जो नवंबर में 61.6 फीसदी थी। वहीं, फलों की कीमतें नवंबर 2013 के 15 फीसदी के मुकाबले बीते दिसंबर में 14.65 फीसदी की दर से बढ़ीं। दालें 2.15 फीसदी, मोटे अनाज 12.14 फीसदी और दुग्ध उत्पाद 9.87 फीसदी महंगे हुए।
अंडा, मांस और मछली जैसे प्रोटीन आधारित खाद्य पदार्थों की महंगाई 12.64 फीसदी रही, जो नवंबर 2013 में 11.96 फीसदी थी।
आंकड़ों के मुताबिक, ग्रामीण क्षेत्रों के लिए दिसंबर 2013 में महंगाई दर 10.5 फीसदी और शहरी क्षेत्रों के लिए 9.1 फीसदी रही। जबकि नवंबर 2013 में यह क्रमश: 11.6 फीसदी और 10.5 फीसदी थी।
उच्च महंगाई को देखते हुए रिजर्व बैंक ने सितंबर और नवंबर के बीच ब्याज दरों में दो बार बढ़ोतरी की थी। दिसंबर में खुदरा महंगाई में आई नरमी और औद्योगिक उत्पादन के छह माह के निचले स्तर पर आने से रिजर्व बैंक 28 जनवरी को अपनी मौद्रिक समीक्षा में ब्याज दरों में राहत देने की पहल कर सकता है। आईआईपी में सुस्ती को देखते हुए उद्योग ब्याज दरों में कटौती की मांग कर रहा है।