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बीमा इंडस्ट्री पर बढ़ रहा है निवेशकों का भरोसा

Mon, 13 Oct 2014 08:52 AM IST
प्रशांत श्रीवास्तव/ नई दिल्ली
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नई सरकार के आने के बाद भारतीय अर्थव्यवस्था पर निवेशकों का भरोसा फिर से मजबूत होने लगा है। इसका असर बीमा इंडस्ट्री पर दिखना शुरू हो गया है। जिसकी वजह से चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही निजी क्षेत्र के लिए ग्रोथ के लिहाज से अच्छी रही है। वहीं, यूलिप उत्पादों के प्रति एक बार फिर निवेशकों का रुझान बढ़ रहा है। ऐसा कहना है एडिलवाइस टोक्यो लाइफ इंश्योरेंस कंपनी के एमडी और सीईओ दीपक मित्तल का। आने वाले दिनों में इंडस्ट्री में किस तरह से बदलाव होंगे, ग्राहकों को क्या फायदा होगा, इन सब मुद्दों पर मित्तल ने अमर उजाला के संवाददाता प्रशांत श्रीवास्तव से बातचीत की है। पेश हैं प्रमुख अंश-
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बीमा उत्पाद अब इरडा के नए निर्देश के अनुसार आ चुके हैं, साथ ही देश में नई सरकार भी बन गई है। ऐसे में क्या सुधार के संकेत दिख रहे हैं।
पहली तिमाही निजी क्षेत्र की कंपनियों के लिए काफी अच्छी रही है। इस दौरान 16-17 फीसदी की ग्रोथ हुई। हालांकि, पॉलिसी लेवल पर अभी बहुत ज्यादा ग्रोथ नहीं रही है, लेकिन टिकट साइज अच्छा रहा है। पिछले तीन साल से रेगुलेटर द्वारा उठाए गए कदमों से काफी सुधार हुआ है। जहां ग्राहकों के अनुकूल उत्पाद आए हैं, वहीं इंडस्ट्री भी मजबूत हुई है। नई सरकार के आने के बाद मार्केट में उछाल से फंड भी अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। कुल मिलाकर अर्थव्यवस्था को लेकर निवेशकों का भरोसा मजबूत हुआ है।

भारत में अभी भी बीमा उत्पादों की पहुंच बहुत कम है, खास तौर से ग्रामीण क्षेत्र काफी पीछे हैं। ऐसे में क्या ग्रामीण क्षेत्रों के लिए अलग उत्पाद लाने की जरूरत है?
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बीमा उत्पादों को सभी तबके तक पहुंचाना वित्तीय समावेशन का हिस्सा है। ऐसे में हमें ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों को अलग-अलग बाजार के रूप में देखना सही नहीं है। ग्रामीण क्षेत्रों में कई ऐसे ग्राहक हैं, जिन्हें किसी शहरी ग्राहक के तरह उत्पाद की जरूरत है, इसी तरह शहरी क्षेत्रों में बहुत ऐसे ग्राहक हैं, जिन्हें ग्रामीण ग्राहकों की तरह उत्पाद की जरूरत है। कुल मिलाकर वित्तीय समावेशन के लिए हमें खास उत्पाद बनाने की जरूरत है। जैसे कि विकसित देशों में है। अगर हम ऐसे उत्पाद डिजाइन कर सके, जहां बीमा ग्राहक के रिकॉर्ड के आधार पर कवर धीरे-धीरे बढ़े तो, लोगों को जोड़ना कहीं आसान हो सकेगा।

सरकार के लिए अभी फाइनेंशियल सेविंग की कम ग्रोथ चिंता का विषय है, ऐसे में क्या कदम होने चाहिए?
देखिए, फाइनेंशियल सेविंग में कमी का असर बीमा क्षेत्र पर भी पिछले दिनों पड़ा है। लेकिन नई सरकार के साथ-साथ आरबीआई, सेबी, इरडा सभी आम निवेशक को फाइनेंशियल सेविंग के लिए प्रोत्साहित करने का प्रयास कर रहे हैं, जिसके संकेत भी दिख रहे हैं। ऐसे में महंगाई अगर नियंत्रित हो जाती है, तो लोग फाइनेंशियल सेविंग की ओर ज्यादा आकर्षित होंगे और इसका लाभ बीमा इंडस्ट्री को भी मिलेगा।

एडिलवाइस टोक्यो अभी नई कंपनी है, ऐसे में कंपनी बाजार में पहुंच बढ़ाने के लिए क्या कर रही है?
कंपनी ने पिछले तीन साल में तेजी से अपनी पहुंच बढ़ाई है। हमने 58 नई शाखाएं खोली हैं। कंपनी ने अपने उत्पादों पर चार्ज कम करने के साथ परफार्मेंस पर फोकस किया है। साथ ही कुछ उत्पादों पर जीरो एलोकेशन चार्ज भी किया है। इसके अलावा बाजार में तेजी के कारण यूलिप के प्रति भी निवेशक फिर से रुचि दिखा रहे हैं। साथ ही हमने उत्पादों में कई सारे इनोवेटिव बदलाव किए हैं, जो कि ग्राहक की जरूरत के अनुसार तैयार किए गए हैं। जिसमें एकमुश्त राशि के साथ-साथ आमदनी के रूप में भी राशि प्राप्त करने का विकल्प है। जिसका बहुत अच्छा रिसपांस मिल रहा है।

कंपनी की अगले तीन-चार साल में विस्तार की क्या योजना है?
साल 2013-14 में कंपनी ने कुल 105 करोड़ रुपये का प्रीमियम कारोबार किया, जो कि इस साल 200 करोड़ रुपये तक पहुंचाने की उम्मीद कर रहे हैं। हमारा फोकस वैकल्पिक चैनल का तेजी से विस्तार करने पर है। इसके अलावा ऑनलाइन उत्पादों पर भी हम फोकस कर रहे हैं। अगले चार-पांच साल में कंपनी के कुल 1,500-2,000 टच प्वांइट होंगे। जिसमें छोटे शहरों पर खास तौर से फोकस होगा।
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