एंड्रायड इकोसिस्टम को व्यवस्थित करने के उद्देश्य से अमेरिकी कंपनी गूगल द्वारा पेश किए गए ‘एंड्रायडवन’ से सस्ते स्मार्टफोन सेगमेंट को नए सिरे से पहचान दिलाने में मदद जरूर मिलेगी, लेकिन भारत इसके लिए एक चुनौतीपूर्ण बाजार होगा। रिसर्च फर्म आईडीसी ने इस तरह की उम्मीद जाहिर की है।
पिछले माह गूगल ने भारतीय फोन निर्माता माइक्रोमैक्स, कार्बन एवं स्पाइस और मोबाइल ऑपरेटर एयरटेल, रिलायंस आदि के साथ मिलकर एंड्रायडवन स्मार्टफोन की रेंज लांच की थी। इनकी कीमत 6,399 रुपये से शुरू है।
आईडीसी का कहना है कि एंड्रायडवन की मार्केटिंग पर भारी-भरकम खर्च किए जाने के बावजूद भारत गूगल के लिए एक चुनौतीपूर्ण बाजार होगा। गूगल के पास कोई विकल्प नहीं है लेकिन भारत के उपभोक्ता आधार को देखते हुए उसे व्यापक निवेश करना होगा। भारत पहला देश है, जहां गूगल ने एंड्रायडवन डिवाइस लांच किया है। आने वाले महीनों में कंपनी इसे इंडोनेशिया, पाकिस्तान, बांग्लादेश, नेपाल और श्रीलंका में भी लांच करेगी।
आईडीसी का मानना है कि रणनीतिक तौर पर गूगल के लिए एंड्रायडवन काफी महत्वपूर्ण है। गूगल को सर्च, मैप्स, गूगल नाउ जैसे अपनी आवश्यक गूगल सेवाओं के बढ़ते पोर्टफोलियो के लिए अवसर बनाने के लिहाज से तेजी से बढ़ते एंड्रायड यूजर बेस का लाभ उठाना आवश्यक है। ऐसे में एंड्रायड वन काफी अहम है।