कपड़ा मंत्रालय विभिन्न शहरों में प्राइम लोकेशन पर शोरूम खोलने पर विचार कर रहा है। कपड़ा मंत्रालय के १०० दिनों के कामकाज का ब्योरा देते हुए कपड़ा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संतोष कुमार गंगवार ने बताया कि सरकार नेशनल टेक्सटाइल कारपोरेश (एनटीसी) को रिवाइव करना चाहती है और इसकी जमीनों को बेचा नहीं जाएगा। गंगवार ने बताया की कपड़ा मंत्रालय विभिन्न शहरों में मौजूद जमीन का आकलन करने में जुटा है। इन जमीनों पर अतिक्रमण हटाकर टेक्सटाइल शोरूम खोलने पर विचार किया जा रहा है। इससे टेक्सटाइल प्रोडक्ट्स की बेहतर मार्केटिंग में मदद मिलेगी।
गंगवार ने बताया कि पिछले एक साल से देश में नए टेक्सटाइल पार्क को मंजूरी देने का मामला अटका हुआ था, लेकिन नई सरकार ने सत्ता संभालते ही १३ इंटीग्रेटेड टेक्सटाइल पार्क स्वीकृत कर दिया हैं। इन टेक्सटाइल पार्कों में सरकार अगले तीन साल में करीब ५२० करोड़ रुपये का निवेश करेगी जबकि निजी क्षेत्र से ३२४० करोड़ रुपये का निवेश आएगा। वस्त्र से जुड़े उद्योगों की बदलती जरूरतों को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार नई राष्ट्रीय वस्त्र नीति लाने जा रही है। इसमें छोटे उद्यमियों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
टेक्सटाइल उद्यमियों के लिए बनेंगा फंड नए उद्यमियों को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार जल्द ही सिडबी के सहयोग से टेक्सटाइल वेंचर कैपिटल फंड स्कीम शुरू की जाएगी। इस योजना का ऐलान दीपावली से पहले होने की उम्मीद है। जम्मू-कश्मीर में पश्मीना क्राफ्ट के विकास के लिए 30 करोड़ रुपए की योजना शुरू की जा रही है। कपड़ा मंत्री अगले सप्ताह लद्दाख यात्रा के दौरान इसका शुभारंभ करेंगे। श्रीनगर में नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन टेक्नोलॉजी (निफ्ट) का सेंटर शुरू करने के लिए केंद्र ने ५० फीसदी के बजाय ९० फीसदी वित्तीय सहायता देने का फैसला किया है।
बुुनकरों की मदद करेगा निफ्ट टेक्सटाइल क्षेत्र का अग्रणी संस्थान निफ्ट देश के परंपरागत हस्तशिल्प पर भी शोध करेगा। कपड़ा मंत्री संतोष गंगवार ने बताया कि देश भर में फैले निफ्ट के १५ केंद्र स्थानीय क्राफ्ट के संरक्षण और संवर्धन में अहम भूमिका निभा सकते हैं। हाल ही में ऑनलाइन रिटेलर फ्लिपकार्ट ने बनारस के बुनकरों और निफ्ट के छात्रों की भागीदारी में एक प्रोजेक्ट शुरू किया है। निफ्ट के छात्र बुनकरों के उत्पादों को ग्लोबल मार्केट तक पहुंचाने में मदद करेंगे।