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त्योहारों पर नहीं मिलेगा सस्ते कर्ज का तोहफा

Mon, 29 Sep 2014 07:49 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो दिल्ली
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इस बार त्योहारों के पहले आपको सस्ते कर्ज की सौगात मिलने की उम्मीद नहीं है। ऐसा इसलिए है, क्योंकि अभी भी महंगाई दर रिजर्व बैंक की उम्मीदों से ज्यादा है। अगस्त में उपरभोक्ता मूल्य सूचकांक 7.8 फीसदी पर रही है। जिसे देखते हुए मंगलवार को पेश होने वाली मौद्रिक नीति में रिजर्व बैंक द्वारा प्रमुख दरों में किसी तरह की बदलाव की संभावना नहीं है। हालांकि रिजर्व बैंक त्योहारों के दौरान कर्ज की मांग बढऩे की संभावना को देखते हुए नीति में बैंकों के लिए तरलता बढ़ाने के कदम उठा सकता है। खुदरा महंगाई दर का ज्यादा होना चिंता का विषयरेटिंग एजेंसी क्रिसिल के मुख्य अर्थशास्त्री डी.के.जोशी ने अमर उजाला को बताया कि रिजर्व बैंक के तरफ से प्रमुख दरों में किसी तरह के कोई बदलाव की उम्मीद नहीं है। ऐसा इसलिए हैं क्योंकि  अभी भी उपभोक्ता मूल्य सूचकांक आरबीआई के 6 फीसदी के सामान्य स्तर से ज्यादा है। ऐसे में रिजर्व बैंक दरों में कोई बदलाव नहीं करेगा। हालांकि बैंकों की तरलता बढ़ाने के लिए रिजर्व बंैक एसएलआर में 0.50 फीसदी तक कमी कर सकती है। जिससे बैंक ज्यादा कर्ज दे सकें।रेपो रेट 8 फीसदी और एसएलआर 22 फीसदी परअर्थशास्त्रियों के अनुसार भले ही एस एंड पी ने भारत के आउटलुक को निगेटिव से स्थायी किया है, जीडीपी भी पहली तिमाही में 5.7 फीसदी की दर से बढ़ी है। इसके अलावा थोक मूल्य सूचकांक भी अगस्त में 3.74 फीसदी पर रहा है। जो कि अक्टूबर 2009 के बाद सबसे निचले स्तर पर है। इसके बावजूद रिजर्व बैंक के लिए उपभोक्ता मूल्य सूचकांक चिंता का विषय है। जो कि ताजा आंकड़ों तक 7.80 फीसदी पर है। जबकि रिजर्व बंैक ने जनवरी 2016 तक इसे 6 फीसदी रहने का लक्ष्य हैै। इसे देखते हुए रिजर्व बैंक अभी दरों में किसी तरह का बदलाव नहीं करेगा।
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