देश का टेक्निकल टेक्सटाइल बाजार 2023 तक 32 अरब डॉलर के स्तर तक पहुंच सकता है, जो फिलहाल 14 अरब डॉलर के करीब है। टेक्निकल टेक्सटाइल में बढ़ती विविधता और वैश्विक स्तर पर समकक्ष उद्योगों के साथ भारतीय कंपनियों की बढ़ती साझेदारी से इस क्षेत्र को बढ़ावा मिलेगा।
उद्योग संगठन पीएचडी चैम्बर ऑफ कॉमर्स की ओर से कराए गए एक अध्ययन के मुताबिक टेक्सटाइल और अपैरल उद्योग 2023 तक 226 अरब डॉलर पर पहुंच जाएगा। वर्तमान में भारतीय टेक्सटाइल एवं अपैरल उद्योग करीब 99 अरब डॉलर का है। इसमें घरेलू खपत और निर्यात दोनों शामिल हैं। इसके सालाना औसतन 8.6 फीसदी की दर से बढ़ने का अनुमान है।
रिपोर्ट जारी करते हुए राष्ट्रीय विनिर्माण प्रतिस्पर्धा परिषद के सदस्य सचिव अजय शंकर ने कहा कि इमर्जिंग देशों में टेक्निकल टेक्सटाइल की बढ़ती संभावनाओं को देखते हुए सरकार और उद्योग को मिलकर काम करने की जरूरत है और इसके लिए दोनों को इस क्षेत्र के विकास एवं संवर्धन के लिए संयुक्त दृष्टिकोण लाना चाहिए। सरकार और उद्योग को 2025 के लिए लक्ष्य निर्धारित कर कार्य करने चाहिए।
अध्ययन के मुताबिक उद्योग के विकास में इसकी व्यवस्थित सप्लाई चेन और उत्पादों की व्यापक शृंखला का अहम योगदान हो सकता है। देश के टेक्सटाइल्स एवं अपैरल निर्यात में टेक्सटाइल का शेयर 60 फीसदी है, जो अपैरल की 40 फीसदी हिस्सेदारी से काफी अधिक है। टेक्सटाइल्स एवं अपैरल सेक्टर का देश की जीडीपी में योगदान 5.2 फीसदी है।