भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने भारतीय कारोबारियों द्वारा विदेशों में निवेश की सीमा कंपनी की शुद्ध संपत्ति के 100 फीसदी से बढ़कर फिर से 400 फीसदी कर दिया है।
आरबीआई ने अधिसूचना जारी कर कहा कि भारतीय कंपनियों द्वारा विदेशों में संयुक्त उपक्रम या पूर्ण स्वामित्व वाले उपक्रम में निवेश की सीमा दोबारा 14 अगस्त 2013 से पहले के स्तर पर कर दी गई है।
उल्लेखनीय है कि 14 अगस्त 2013 को इसे 400 फीसदी से घटाकर 100 फीसदी कर दिया गया था। केंद्रीय बैंक ने बताया कि एक अरब डॉलर तक के निवेश के लिए किसी अग्रिम अनुमति की आवश्यकता नहीं होगी, जबकि इससे ज्यादा के निवेश के लिए आरबीआई से अनुमति लेनी होगी। भले ही यह निवेश कंपनी की शुद्ध संपत्ति के 400 फीसदी की सीमा में ही क्यों न हो।