केन्द्रीय उत्पाद शुल्क विभाग ने मुंबई के टॉप्स सिक्योरिटी लिमिटेड के खिलाफ सेवा कर चोरी का मामला दर्ज किया है। टॉप्स सिक्योरिटी समूह के 41 कार्यालयों में की गई तलाशी के दौरान यह पता चला कि यह समूह अपने ग्राहकों से देय सेवा कर से संबंधित भुगतान प्राप्त कर रहा था लेकिन इस कर को सरकारी खाते में जमा नहीं कर रहा था। इस प्रकार सेवा कर चोरी और इस पर प्राप्त ब्याज को मिलाकर यह राशि लगभग 90 करोड़ रुपये की है।
टॉप्स सिक्योरिटी लिमिटेड की शाखाएं देश के विभिन्न हिस्सों में हैं जिसमें अलग-अलग सेवा कर पंजीकृत हैं। इन कार्यालयों में भी ग्राहकों से देय सेवा कर से संबंधित भुगतान प्राप्त किये जा रहे थे लेकिन इसे सरकारी खाते में जमा नहीं कराया जा रहा था। सेवा प्रदाता ने 2007-08 से आगे के वर्षों के दौरान सेवा कर के उचित जमा में की गई कंपनी की धांधली को स्वीकार किया।
इस संदर्भ में आगे की जांच जारी है। यह मामला सेवा कर चोरी के हालिया प्रचलन को उजागर करता है, जिसमें सेवा कर रसीद जारी की जाती है और कंपनी द्वारा ग्राहकों से संग्रहित किया जाता है लेकिन उसे सरकार को नहीं चुकाया जाता है।