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टाटा की विदाई के साथ गुजर जाएगा एक जमाना

Tue, 18 Dec 2012 10:58 PM IST
नई दिल्ली/अमर उजाला ब्यूरो
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सारी दुनिया के लिए नया साल शुरू होने से चार दिन पहले देश के जाने-माने कारोबारी घराने टाटा समूह के लिए एक नया युग शुरू हो जाएगा। 28 दिसंबर को रतन टाटा की जगह साइरस मिस्त्री के टाटा सन्स के चेयरमैन की कुर्सी संभालते ही ग्लोबल हो चुकी इस औद्योगिक रियासत का न सिर्फ निजाम बदल जाएगा, बल्कि यह दस्तक होगी टाटा सहित देश के समूचे उद्योग जगत में एक नए दौर की।
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टाटा समूह से जुड़े लोगों के लिए रतन टाटा की विदाई जहां एक भावपूर्ण लम्हा होगा, वहीं उद्योग और कारोबार जगत के लिए यह वक्त होगा कॉरपोरेट दुनिया की इस अजीम शख्सियत की उपलब्धियों पर नजर डालने और टाटा समूह की भावी दशा-दिशा पर विचार करने का।

रतन के जाने और साइरस के आने की इस घड़ी में एक स्वाभाविक सवाल सभी के मन में जरूर उठ रहा है कि जिस तरह एक पारंपरिक औद्योगिक घराने को टाटा ने अपनी सूझबूझ से आईटी, सॉफ्टवेयर, टेलीकॉम और सोलर एनर्जी जैसे नए क्षेत्रों में लाते हुए और कोरस, नेट स्टील, जगुआर व लैंडरोवर जैसी दिग्गज बहुराष्ट्रीय कंपनियों को खरीद कर एक ग्लोबल हैसियत दी है, साइरस उसे किस तरह और किस हद तक आगे बढ़ा पाएंगे।
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हालांकि चेयरमैन का पद छोड़ने के बावजूद रतन टाटा समूह को बतौर ‘अवकाशप्राप्त अध्यक्ष’ दिशा देते रहेंगे, पर रतन को करीब से जानने वालों का मानना है कि ज्यादातर वह अपनी भूमिका को एक अभिभावक की तरह रखते हुए साइरस को बड़े फैसले लेने और समूह को उनके द्वारा छोड़े गए मुकाम से आगे ले जाने का पूरा-पूरा मौका देंगे।

टाटा सन्स ने इस बाबत औपचारिक रूप से एक बयान जारी करते हुए बताया है कि समूह के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने चेयरमैन के पद पर साइरस पी मिस्त्री की नियुक्ति की घोषणा की है और वह 28 दिसंबर 2012 को रतन एन टाटा की जगह पदभार संभालेंगे। बयान में बताया गया है कि चेयरमैन पद से हटने के बाद भी रतन टाटा चेयरमैन इमेरिटस यानी ससम्मान अवकाशप्राप्त अध्यक्ष के रूप में टाटा सन्स से जुड़े रहेंगे।

वर्ष 2006 से टाटा सन्स के डायरेक्टर रहे साइरस मिस्त्री को रतन टाटा का वारिस चुनते हुए पिछले साल नवंबर में समूह का डिप्टी चेयरमैन बनाया गया था। इस पद पर साइरस की नियुक्ति के साथ ही करीब दो साल तक चली टाटा के उत्तराधिकारी की खोज और समय-समय पर इस बाबत नोएल टाटा समेत विभिन्न नामों की अटकलों का दौर थम गया था। डिप्टी चेयरमैन पद पर करीब सालभर काम करते हुए चेयरमैन पद की जिम्मेदारियों और दायित्वों को भली-भांति समझने के बाद पिछले माह साइरस को टाटा मोटर्स का चेयरमैन बनाया गया था।

इस जिम्मेदारी को भी वह 28 दिसंबर को संभाल लेंगे। इसके साथ ही समूह की अन्य दो महत्वपूर्ण कंपनियों टाटा स्टील और टाटा कैमिकल्स के चेयरमैन का पद भी उनके पास आ जाएगा। गौरतलब है कि रतन टाटा ने साइरस को समूह की कमान सौंपने की शुरुआत के तौर पर पिछले माह टाटा ग्लोबल बेवरेजज का चेयरमैन पद सौंप दिया था। इसके साथ ही साइरस को टाटा कंसल्टेंसी के डिप्टी चेयरमैन का पद देते हुए होटल कारोबार से जुड़ी समूह की कंपनी इंडियन होटल्स कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स में शामिल कर लिया गया था।
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