वित्तीय समावेशन में इंडिया पोस्ट की भूमिका को बढ़ाने के प्रयास के तौर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा देश में पोस्ट आफिसों के नेटवर्क का फायदा उठाने के लिए गठित किया गया कार्यबल इस वर्ष के अंत तक अपनी रिपोर्ट सौंपेगा। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बुधवार को यह जानकारी दी है।
कार्यबल में डिपार्टमेंट ऑफ पोस्ट्स सेक्रेटरी कावेरी बनर्जी, टेलीकॉम सेक्रेटरी, राकेश गर्ग, डिपार्टमेंट ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी सेक्रेटरी आरएस शर्मा, रूरल डेवलपमेंट सेक्रेटरी एलसी गोयल और पूर्व सेबी चेयरमैन जीएन बाजपेई शामिल हैं।
पूर्व कैबिनेट सचिव टीएसआर सुब्रमण्यम टास्क फोर्स के सचिव हैं। बनर्जी ने डब्ल्यूएसबीआई पोस्टल सेविंग्स बैंक्स फोरम 2014 से इतर पत्रकारों को बताया कि कार्यबल सरकार द्वारा सौंपी गई जिम्मेदारी के लिए काम कर रही है और यह इस वर्ष के अंत तक अपनी रिपोर्ट सौंपेगी।
कार्यबल के लिए टर्म्स ऑफ रेफरेंस (टीओआर) में सरकार और निजी क्षेत्र द्वारा विभिन्न नागरिक केंद्रित सेवाएं और स्कीम मुहैया कराने के लिए प्रभावी पोस्टल नेटवर्क और ग्रामीण इलाकों व छोटे शहरों में खास तौर पर मौजूदगी सुनिश्चित करना शामिल है।
इसके अलावा बीमा उत्पादों सहित वित्तीय समावेशन में पोस्ट ऑफिसों की भूमिका बढ़ाना और पोस्ट आफिस को आर्थिक रूप से वहनीय बनाना भी सरकार का मकसद है।
इससे पहले आयोजन का उद्घाटन करते हुए संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री रवि शंकर प्रसाद ने कहा कि पोस्टल बैंक एक अच्छा विचार है और प्रधानमंत्री ने पोस्ट ऑफिस को वित्तीय समावेशन के इंजन के रूप में बदलने के रास्ते तलाशने के लिए कार्य बल का गठन किया है।
उन्होंने कहा कि भारत में पोस्ट ऑफिस अपने 1.55 लाख शाखाओं के नेटवर्क के जरिए न सिर्फ ई-कॉमर्स के दायरे का विस्तार करने में बल्कि वित्तीय समावेशन में अहम भूमिका निभा सकते हैं।
बनर्जी ने कहा मौजूदा समय में इंडिया पोस्ट का 63 फीसदी राजस्व सेविंग्स, इंश्योरेंस एंड रेमिटेंस सर्विसेज और शेष मेल और इससे जुड़ी सेवाओं के जरिए आता है।