निवेशकों को 24 हजार करोड़ रुपये लौटाने के मसले पर सुप्रीम कोर्ट ने सहारा समूह की पुनर्विचार याचिका को निराधार करार देते हुए खारिज कर दिया है। फैसले पर फिर से विचार करने की मांग पर शीर्षस्थ अदालत ने आदेश जारी करते हुए कहा है कि सभी पहलुओं पर गौर किया गया और यह स्पष्ट है कि इस मामले में दिए गए फैसले में कोई कमी नहीं है।
सर्वोच्च अदालत ने इस मामले में यूनिवर्सल इनवेस्टर एसोसिएशन की ओर से दायर की गई याचिका को खारिज करते हुए कहा है कि यह संस्था पक्षकार नहीं है। ऐसे में इसकी ओर से पुनर्विचार की मांग किए जाने का कोई औचित्य नहीं है। सर्वोच्च अदालत ने गत वर्ष अगस्त में सहारा समूह की दो कंपनियों को निवेशकों से जुटाई गई 24,029 करोड़ रुपये की राशि ब्याज सहित लौटाने का आदेश जारी किया था। दोनों कंपनियों को 15 प्रतिशत ब्याज के साथ तीन माह में निवेशकों को धन वापस करने को कहा गया था। इस आदेश के खिलाफ शीर्षस्थ अदालत में सहारा समूह की ओर से पुनर्विचार याचिका दायर की गई थी।