जापान की दाईची सांक्यो के स्वामित्व वाली दवा कंपनी रैनबैक्सी को सन फार्मा ने खरीद लिया है। रैनबैक्सी के पूर्ण अधिग्रहण का यह सौदा करीब 19 हजार करोड़ रुपये (3.2 अरब डॉलर) में हुआ है। करार के तहत सन फार्मा रैनबैक्सी की 100 फीसदी हिस्सेदारी 457 रूपये प्रति शेयर के भाव पर खरीदेगी।
नियामकीय मंजूरियों के बाद यह सौदा इस साल दिसंबर तक पूरा कर लिया जाएगा। सौदा पूरा होने के साथ ही सन फर्मा देश की सबसे बड़ी और दुनिया में पांचवें नंबर की दवा कंपनी बन जाएगी। दोनों कंपनियों की ओर से इस सौदे की घोषणा सोमवार को सुबह की गई। सौदे के तहत रैनबैक्सी के शेयरधारकों को 10 शेयरों के बदल सन फार्मा के 8 शेयर मिलेंगे।
इस सौदे के बाद देश के दवा बाजार में सनफार्मा 9 फीसदी की हिस्सेदारी के साथ देश की सबसे बड़ी दवा कंपनी बन जाएगी। इसके अलावा सन फार्मा अमेरिका में दवाएं बेचने वाली सबसे बड़ी भारतीय दवा कंपनी भी बन जाएगी। रैनबैक्सी के अधिग्रहण से सनफार्मा का कारोबार दुनिया के 65 देशों में फैल जाएगा।
साथ ही कुल 47 मैन्यूफैक्चरिंग प्लांट हो जाऐंगे। खासकर सनफार्मा को उभरते बाजारों में कारोबार के लिए रैनबैक्सी से मजबूत प्लेटफॉर्म मिलेगा। इस सौदे के तहत दाइची सेंक्यो को सन फार्मा में 9 फीसदी हिस्सेदारी मिलेगी और उसे सन फार्मा के बोर्ड में अपनी ओर से एक निदेशक नियुक्त करने का अधिकार होगा।