केंद्र सरकार ने संकट ग्रस्त चीनी उद्योग को बैंकों से 6,600 करोड़ रुपये का ब्याज मुक्त कर्ज उपलब्ध कराने के निर्णय की अधिसूचना जारी कर दी है। इससे गन्ना किसानों को अब समय पर उनके बकाए का भुगतान किया जा सकेगा।
पिछले महीने आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति ने नकदी संकट से जूझ रही चीनी मिलों को ब्याज मुक्त कर्ज प्रदान करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी।
खाद्य मंत्रालय ने अधिसूचना में कहा है कि केन्द्र सरकार चीनी मिलों की नकदी स्थिति में सुधार लाने और उन्हें पिछले सत्र के गन्ने के बकाया और चालू सत्र के गन्ने का समय पर भुगतान करने की सुविधा के लिए चीनी मिलों को वित्तीय सहायता विस्तार योजना 2014 को अधिसूचित करती है।
करीब 6,600 करोड़ रुपये के कर्ज पर ब्याज का बोझ अगले पांच वर्षों में करीब 2,750 करोड़ रुपये होने का अनुमान है, जिसकी भरपाई केन्द्र सरकार चीनी विकास कोष से करेगी।
कर्ज का वितरण एक अलग बैंक खाते के जरिए किया जाएगा, ताकि इस धन के उपयोग की निगरानी हो सके। सरकार प्रमुख बैंक को ब्याज सहायता राशि तिमाही आधार पर अग्रिम रूप से जारी करेगी।
अधिसूचना में कहा गया है कि 12 प्रतिशत की ब्याज सहायता अथवा बैंकों द्वारा ली जाने वाली वास्तविक ब्याज दर जो भी कम होगी, वह चीनी मिलों को योजना में भागीदारी करने वाले वाणिज्यिक बैंकों, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों और सहकारिता बैंकों के जरिए पांच वर्ष के दौरान दी जाएगी।