मार्केटिंग सत्र 2014-15 में देश में चीनी की उत्पादन पांच फीसदी बढ़ कर 255 लाख टन पहुंचने का अनुमान है। चीनी का आगामी मार्केटिंग सत्र अक्तूबर से शुरू हो रहा है।
चीनी उद्योग के हितों का प्रतिनिधित्व करने वाले संगठन इंडियन शुगर मिल्स एसोसिएशन (आईएसएमए) के मुताबिक गन्ने के रकबे में कमी आने के बावजूद चीनी का उत्पादन बढ़ेगा। यह लगातार पांचवा वर्ष है, जब देश में चीनी का उत्पादन सालाना घरेलू खपत 230-240 लाख टन को पार करने जा रहा है।
आईएसएमए ने सरकार से मांग की है कि रा शुगर पर निर्यात सब्सिडी आगामी मार्केटिंग सत्र में जारी रहनी चाहिए क्योंकि अब तक इस स्कीम के तहत मात्र 7 लाख टन चीनी का निर्यात किया जा सका है जबकि स्कीम के तहत 40 लाख टन निर्यात को मंजूरी दी गई है।
2013-14 में चीनी का कुल निर्यात 211 लाख टन होने का अनुमान है। इसमें से 55 फीसदी रा शुगर और शेष रिफाइंड शुगर होगी। एसोसिएशन की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि सितंबर 2014 सेटेलाइट इमेज के आधार पर इस्मा ने देश में गन्ने का कुल रकबा 529 लाख हेक्टेयर रहने का अनुमान जताया है,यह पिछले वर्ष की तुलना में 1 फीसदी कम है।