थोक खरीदारों के लिए डीजल को बाजार मूल्य पर बेचने की घोषणा के बावजूद डीजल को रियायती दरों पर बेचा जा रहा है। थोक खरीदार की परिभाषा तेल कंपनियों की ओर से स्पष्ट नहीं किये जाने के कारण पेट्रोल पंपों पर सभी ग्राहकों से सब्सिडी प्राप्त डीजल की कीमत वसूली जा रही है। डीलरों का कहना है कि पेट्रो उत्पाद आवश्यक कमोडिटी के रुप में होता है। इसलिए थोक खरीदार की स्पष्ट परिभाषा लिखित में नहीं मिलने तक वे किसी भी ग्राहक को इसकी बिक्री से मना नहीं कर सकते हैं।
फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया पेट्रोलियम ट्रेडर्स के महासचिव अजय बंसल का कहना है कि कई ग्राहक जेनरेटर सेट चलाने के लिए बड़े पैमाने पर डीजल की मांग कर रहे हैं। लेकिन सरकार ने थोक खरीदारों की श्रेणी में ऐसे ग्राहकों को रखा है या नहीं इसकी जानकारी डीलरों को पूरी तरह से नहीं है।
ऐसे ग्राहकों को कितनी मात्रा में डीजल उपलब्ध कराया जाए इसकी सूचना भी डीलरों को नहीं दी गई है। यही वजह है कि ऐसी मांगों की आपूर्ति भी सब्सिडी दर की जा रही है। फेडरेशन ने इस बाबत सरकारी तेल कंपनी इंडियन ऑयल, हिंदुस्तान पेट्रोलियम और भारत पेट्रोलियम को पत्र लिखकर असमंजस दूर करने को कहा है।