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काले धन से निपटने के लिए आयकर स्टाफ को मिलेगा विशेष प्रशिक्षण

Wed, 01 Apr 2015 12:17 PM IST
नई दिल्ली/शिशिर चौरसिया
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विदेशों में जमा काला धन वापस लाने और देश में भी काले धन के तमाम स्रोतों पर अंकुश लगाने में ज्यादा सफलता कैसे मिले, इसके लिए केंद्रीय वित्त मंत्रालय ने प्रत्यक्ष कर विभाग के फील्ड में तैनात कर्मचारियों को विशेष प्रशिक्षण देने की तैयारी शुरू कर दी है।
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बताया जाता है कि कंप्यूटर और इंटरनेट के जरिए किए जाने वाले वित्तीय अपराध पर आयकर विभाग का बंगलूरू स्थित प्रत्यक्ष कर क्षेत्रीय प्रशिक्षण संस्थान (डीटीआरटीआई) ने एक विशेष ट्रेनिंग मॉड्यूल तैयार भी कर लिया है। इसके अलावा कुछ अन्य ट्रेनिंग मॉड्यूलों पर भी काम चल रहा है।

वित्त मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि विदेशों में जमा काला धन वापस लाने के लिए एक विधेयक तैयार कर संसद में पहले ही पेश किया जा चुका है। उम्मीद की जा रही है कि संसद के इसी सत्र में यह पारित हो जाएगा। इसके बाद उस हिसाब से काम होगा।
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इस बीच आय कर विभाग को कहा गया है कि वह अपने फील्ड स्टाफ, खास कर विभिन्न आय कर कार्यालयों में तैनात टैक्स असिस्टेंट, आईटी इंस्पेक्टर और आयकर अधिकारी (आईटीओ) स्तर के साथ-साथ असिस्टेंट कमिश्नर और ज्वाइंट कमिश्नर स्तर के अधिकारियों को भी इसमें विशेष प्रशिक्षण उपलब्ध कराए।

आय कर विभाग के एक अन्य अधिकारी ने बताया कि इस पर डीटीआरटीआई में काम शुरू हो गया है। कंप्यूटर और इंटरनेट की सहायता से होने वाले वित्तीय अपराध पर तो कर्मचारियों-अधिकारियों को विशेष प्रशिक्षण देने के लिए एक विशेष ट्रेनिंग मॉड्यूल की तैयारी चल रही है।

इसमें हवाला से पैसे इधर-उधर करने जैसी प्रक्रिया को भी शामिल किया गया है। उम्मीद की जा रही है अगले कुछ दिनों में सब कुछ तैयार हो जाएगा। फिर यदि इस पर केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड की हरी झंडी मिलती है, तो नेशनल एकेडमी ऑफ डाइरेक्ट टैक्स की अगुवाई में देश भर के क्षेत्रीय प्रशिक्षण एकेडमी में काम शुरू हो जाएगा।

उल्लेखनीय है कि कि काले धन पर अंकुश लगाने के लिए जो विधेयक तैयार किया गया है,उसमें दोषियों के खिलाफ कड़ी सजा का प्रावधान किया गया है। विधेयक में वैसे सभी कड़े उपायों को शामिल किया है जिससे कोई भी व्यक्ति, जिन्होंने विदेशी में अघोषित आय जमा की है, बच नहीं सकता।

जो इस कानून के शिकंजे में आएंगे, उन्हें 10 वर्ष तक के सश्रम कारावास समेत कई कड़ी सजाओं और 300 फीसदी तक जुर्माने का सामना करना पड़ सकता है।

यही नहीं, जो व्यक्ति अपने आय कर रिटर्न में विदेशों में जमा धन का उल्लेख नहीं करेगा या फिर आय कर के दायरे में आने के बावजूद आय कर रिटर्न दाखिल नहीं करेगा, उनके लिए भी इस विधेयक में सख्त सजा का प्रावधान है। ऐसे दोषियों के लिए सात साल तक के सश्रम कारावास का प्रावधान है।
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