ब्रिटेन की कंपनी केयर्न एनर्जी ने 10,247 करोड़ रुपये की कर नोटिस से कंपनी को हुए नुकसान के लिए भारत सरकार से मुआवजा मांगा है।
भारत सरकार ने रेट्रोस्पेक्टिव टैक्स कानून के तहत यह कर नोटिस भेजा है। कंपनी ने ब्रिटेन- भारत निवेश संधि का इस्तेमाल करते हुए कर नोटिस के खिलाफ डिस्प्यूट नोटिस फाइल किया है।
कंपनी ने इसके तहत सरकार से विवाद का निपटारा जल्द करने के लिए आर्बिट्रेशन की मांग की है। कंपनी का कहना है कि इस विवाद से उसकी निवेश योजनाएं प्रभावित हो रही हैं।
केयर्न का कहना है कि 2006 में नई कंपनी केयर्न इंडिया को अपनी भारत संपत्ति का स्थानांतरण करने पर कैपिटल गेन टैक्स लगाना न सिर्फ कानूनी मानकों के विपरीत है बल्कि अनुचित भी है। यह एक आंतरिक ट्रांजेक्शन था और कैपिटल गेन्स के लिए किसी तीसरे पक्ष को शेयर या संपत्ति नहीं बेची गईं थी।