सेबी प्रमुख यूके सिन्हा का कहना है कि इरादतन डिफाल्टरों पर लगाम लगाने के लिए दिशानिर्देश लाने की तैयारी की जा रही है, लेकिन फिलहाल ऐसी कंपनियों पर पूंजी बाजार से धन जुटाने पर कोई पाबंदी नहीं है।
पूंजी बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति एवं विनियम बोर्ड (सेबी) के प्रमुख सिन्हा ने कहा कि हम इरादतन (विलफुल) डिफाल्टरों के लिए दिशानिर्देश को लेकर काम कर रहे हैं। इसमें कुछ समय लगेगा। फिलहाल इरादतन डिफाल्टरों पर पूंजी बाजार से पैसे जुटाने को लेकर कोई पाबंदी नहीं है।
इस माह की शुरुआत में यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया ने किंगफिशर एयरलाइंस, उसके प्रोमोटर विजय माल्या और तीन अन्य निदेशकों को विलफुल डिफाल्टर घोषित कर दिया। इरादतन डिफाल्टर घोषित किंगफिशर एयरलाइंस और उसके निदेशक भविष्य में बैंकों से कर्ज नहीं ले पाएंगे। उन्हें कंपनियों में निदेशक के पद भी छोड़ने होंगे और यदि उनके खिलाफ वारंट है तो पैसे की रिकवरी के लिए उन पर आपराधिक मामले की शुरुआत की जा सकती है।
इस बीच, सरकार जानबूझकर बैंकों के कर्ज न चुकाने के मामलों को रोकने के लिए संसद में एक अलग से विधेयक लाने की तैयारी कर रही है।