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रीयल एस्टेट- इंफ्रा ट्रस्ट के लिए लिस्टिंग अनिवार्य

Mon, 11 Aug 2014 09:08 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, दिल्ली
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इंफ्रास्ट्रक्चर इनवेस्टमेंट ट्रस्ट और रीयल एस्टेट इनवेस्टमेंट ट्रस्ट के लिए खुद को स्टॉक एक्सचेंज में अनिवार्य रूप से सूचीबद्ध कराना होगा।
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सेबी के मानकों के तहत इन कारोबारी ट्रस्टों को डिस्क्लोजर, पार्टी ट्रांजेक्शन और वैल्यूशन ऑफ असेट के कड़े नियमों का पालन करना होगा। निवेशकों के हितों को सुरक्षित रखने के लिए सेबी ने ये प्रावधान किए हैं।

इंफ्रास्ट्रक्चर इनवेस्टमेंट ट्रस्ट और रीयल एस्टेट इनवेस्टमेंट ट्रस्ट से इन अहम सेक्टरों में ज्यादा फंड आकर्षित करने में मदद मिलेगी। बाजार नियामक सेबी ने इन दो ट्रस्टों को रविवार को मंजूरी दी है।
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नियमों के मुताबिक रियल एस्टेट इनवेस्टमेंट ट्रस्ट की यूनिट को मान्यता प्राप्त स्टॉक एक्सचेंज में अनिवार्य रूप से लिस्ट कराना होगा। इसके अलावा यूनिट को लिस्टिंग एग्रीमेंट के तहत लगातार डिस्क्लोजर करना होगा। इसी तरह से सार्वजनिक क्षेत्र के या निजी क्षेत्र के इंफ्रास्ट्रक्चर इनवेस्टमेंट ट्रस्ट के लिस्टिंग अनिवार्य होगी और ट्रस्ट को लिस्टिंग एग्रीमेंट के तहत लगातार डिस्क्लोजर करना होगा।

इन ट्रस्टों के लिए सेबी के मानकों में पार्टी ट्रांजेक्शन का भी प्रावधान किया गया है। सेबी के मुताबिक वैल्यूएशन ऑफ असेट्स, डिस्क्लोजर रिक्वायरमेंट से जुड़े प्रावधान के अलावा मानकों में राइट्स ऑफ यूनिट होल्डर्स का भी प्रावधान किया गया है।
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नियमों के तहत रीयल एस्टेट इनवेस्टमेंट ट्रस्ट और इंफ्रास्ट्रक्चर इनवेस्टमेंट ट्रस्ट के ट्रस्टी के लिए स्वतंत्र होना जरूरी है। ट्रस्टी ट्रस्ट के प्रायोजक का सहयोगी या मैनेजर नहीं होना चाहिए। नए मानकों से रीयल एस्टेट और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में घरेलू निवेश बढ़ाने के साथ विदेशी निवेश आकर्षित करने में भी मदद मिलेगी।
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